"बाड़मेर: नाबालिग अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा, POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज"
बाड़मेर में नाबालिग अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने दबोचा: चार महीने की फरारी के बाद सरेंडर
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया था, जहां एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी को आज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले चार महीनों से फरार चल रहा था और लगातार पुलिस की तलाशी से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जबकि पीड़ित नाबालिग को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
घटना का पूरा विवरण:यह मामला बाड़मेर शहर के एक धोरीमन्ना इलाके से जुड़ा है। लगभग चार महीने पहले, जून 2025 की एक शाम को आरोपी ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पीड़िता उस समय घर से थोड़ी दूर बाजार घूमने गई हुई थी। आरोपी बगताराम पुत्र गोकलाराम निवासी गडरारोड, ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर अपहरण कर लिया। उसके बाद, उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और उसे कई दिनों तक एक जंगल क्षेत्र में बंधक बनाए रखा।परिजनों ने तुरंत बाड़मेर थाने में मामला दर्ज कराया। पीड़िता के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही थी। लेकिन आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बाल बदलने, नकली दाढ़ी लगाने और अलग-अलग जगह भटकने जैसी चालाकियां अपनाईं।इस दौरान वह दिहाड़ी मजदूरी करके गुजारा कर रहा था ताकि किसी का शक न हो।गिरफ्तारी की कहानी: चार महीने की सतर्कता का अंतपुलिस की लगातार प्रयासों के बावजूद आरोपी फरार बना रहा। बाड़मेर एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जो आरोपी के रिश्तेदारों और संदिग्ध संपर्कों पर नजर रख रही थी। कल रात, एक मुखबिर की टिप से पुलिस को पता चला कि आरोपी बाड़मेर के ही एक रिश्तेदार के घर के पास देखा गया है। तुरंत छापेमारी की गई और आरोपी को बिना किसी विरोध के हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।एसपी ने बताया कि आरोपी के पास से अपहरण के दौरान इस्तेमाल किए गए वाहन का नंबर प्लेट और कुछ कपड़े बरामद हुए हैं, जो अपराध से जुड़े हैं। मामला POCSO एक्ट और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है। आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और आगे की जांच जारी है।पीड़िता की स्थिति और परिवार का दर्दघटना के बाद नाबालिग को गंभीर मानसिक आघात लगा। उसे तुरंत मेडिकल सहायता दी गई और काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए। परिवार ने बताया कि बेटी अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन इस सदमे से उबरना आसान नहीं। परिजनों ने पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि लंबी फरारी के बावजूद न्याय मिला। पीड़िता को आज उसके घरवालों को सौंप दिया गया, जहां वह सुरक्षित रहेगी।पुलिस का संदेश और जागरूकताइस घटना ने एक बार फिर बाल सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सवाल खड़े किए हैं। बाड़मेर पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर नजर रखें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करें।
Mohit Parihar
Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.