महाकाल की तर्ज पर बदलेगा गोविंद देवजी मंदिर का स्वरूप: 100 करोड़ से होगा विकास, जगतपुरा-वैशाली नगर तक मेट्रो विस्तार पर सरकार का बड़ा ऐलान
जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल मॉडल पर 100 करोड़ से विकास होगा। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जगतपुरा और वैशाली नगर तक मेट्रो विस्तार पर भी विचार की घोषणा की।
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित गोविंद देवजी मंदिर के विकास को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंदिर का विकास अब उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। इस संबंध में शहरी विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान घोषणा की।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 के बजट में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गोविंद देवजी मंदिर क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए 100 करोड़ रुपये के कार्यों की घोषणा की थी। इसके लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त किया गया था, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद प्रोजेक्ट पर काम रुक गया। अब राज्य सरकार इस योजना को आगे बढ़ाते हुए विकास कार्यों को गति देगी।
मेट्रो विस्तार पर भी मंथन
खर्रा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए विस्तृत ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से रूट तय किया गया है। प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक प्रस्तावित कॉरिडोर अधिक यात्री भार वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा और शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने में सहायक होगा।
साथ ही जगतपुरा और वैशाली नगर तक मेट्रो विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही गई है। इन क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप योजना तैयार की जाएगी।
जेडीए में भर्तियां और ट्रैफिक मैनेजमेंट
मंत्री ने बताया कि जेडीए में खाली पदों को भरने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेजी जा चुकी है। शहर में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आरआईटीईएस से सर्वे कराया गया है और कार्ययोजना तैयार करने के लिए सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली के विशेषज्ञ भी जयपुर का दौरा कर चुके हैं और उनकी टीम जल्द ही विस्तृत अध्ययन करेगी। महज 12 करोड़ रुपये की लागत से महल रोड को सिग्नल फ्री बनाने का काम भी किया जा रहा है।
हाउसिंग बोर्ड की नई योजनाएं
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 380 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च किए हैं। जयपुर के प्रताप नगर में 336 आवासों और 132 शोरूम के निर्माण के लिए मार्च 2026 में टेंडर जारी किए जाएंगे। मास्टर डेवलपमेंट प्लान-2047 के तहत 679 नए राजस्व गांवों को जेडीए में शामिल किया गया है।
आईपीडी टावर पर सरकार का तंज
यूडीएच मंत्री ने एसएमएस अस्पताल के आईपीडी टावर को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1200 बेड के अस्पताल के लिए केवल 190 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई, जबकि टावर को 27 मंजिला बनाने की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए। साथ ही भवन निर्माण में मध्यप्रदेश से पत्थर मंगाने पर भी आपत्ति जताई।
सरकार का दावा है कि मंदिर विकास, मेट्रो विस्तार और शहरी आधारभूत ढांचे के इन कदमों से जयपुर को एक नई पहचान मिलेगी और पर्यटन व यातायात दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।