बीकानेर रेंज के नए आईजी ओमप्रकाश ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर खुलकर की बात: "प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुश हो जाते हैं, लेकिन आरोपी बरी हो जाता है तो लोग ठगा महसूस करते हैं"

बीकानेर रेंज के नए आईजी ओमप्रकाश ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर खुलासा किया कि अक्सर आरोपी पकड़कर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुशी मनाई जाती है, लेकिन कोर्ट में बरी होने से पीड़ित और समाज ठगा महसूस करता है। उन्होंने पॉक्सो और महिला उत्पीड़न मामलों में स्पेशल टीम बनाकर मजबूत चालान पेश करने और फांसी की सजा दिलाने का संकल्प लिया, खासकर बीकानेर के हालिया नाबालिग दुष्कर्म-हत्या केस में। ड्रोन से ड्रग्स तस्करी को गंभीर बताते हुए पुराने अपराधियों पर फोकस और अन्य राज्यों से कोऑर्डिनेशन की बात कही। ग्रामीण स्तर पर साइबर अपराध जांच के लिए छोटे थानों में दक्ष पुलिसकर्मी तैयार करने का नया प्रयोग शुरू करने की घोषणा की।

Feb 25, 2026 - 16:41
बीकानेर रेंज के नए आईजी ओमप्रकाश ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर खुलकर की बात: "प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुश हो जाते हैं, लेकिन आरोपी बरी हो जाता है तो लोग ठगा महसूस करते हैं"

बीकानेर। बीकानेर रेंज के नव नियुक्त आईजी ओमप्रकाश ने बुधवार को बीकानेर में पदभार संभालने के बाद मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने पुलिस की जांच और अदालती प्रक्रिया में कमियों को स्वीकार करते हुए कहा कि कई बार पुलिस आरोपी को पकड़कर प्रेस कॉन्फ्रेंस करती है और खुश हो जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद आरोपी बरी हो जाता है, जिससे समाज और पीड़ित खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं।

आईजी ओमप्रकाश ने कहा, "आमतौर पर हम देखा करते हैं कि हम अच्छी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, मुल्जिम (आरोपी) पकड़ लिया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और खुश हो गए। थोड़े दिनों बाद पता चलता है कि जिसका चालान पेश किया, वो बरी हो जाता है। इससे समाज और परिवादी खुद को ठगा हुआ सा महसूस करता है।"उन्होंने हाल ही में बीकानेर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक आरोपी के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि इस केस में स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर (पीपी) को शामिल किया गया है ताकि जांच के मुख्य पॉइंट्स पर फोकस हो और आरोपी किसी भी हाल में बरी न हो सके।

महिला उत्पीड़न और पॉक्सो मामलों में फांसी की सजा का प्रयास

आईजी ने विशेष रूप से महिला और पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) से जुड़े मामलों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लगातार फॉलोअप करके फांसी की सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले अजमेर और पाली में भी ऐसे प्रयास सफल रहे हैं।

बीकानेर में हाल ही में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अब फांसी की सजा दिलाने पर फोकस है। आईजी ने कहा, "इस मामले के लिए स्पेशल टीम गठित करके जांच करवाई जा रही है। जल्द से जल्द चालान पेश करके इतनी मजबूती से अदालत में पक्ष रखेंगे कि पॉक्सो और महिला उत्पीड़न के अभियुक्तों को फांसी मिल सके।"

सीमा पर ड्रोन से ड्रग्स तस्करी का मामला गंभीर

आईजी ओमप्रकाश ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए आने वाली ड्रग्स की तस्करी को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज) एक्ट के मामलों में नए अपराधी नहीं आते, बल्कि पुराने ही बार-बार सक्रिय होते हैं।उन्होंने 2022-23 के उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में कई आरोपी जिन पर 22-23 मुकदमे थे, जमानत मिलने के बाद फिर से उसी धंधे में लग गए और दोबारा अरेस्ट हुए। उन्होंने अन्य राज्यों से बेहतर कोऑर्डिनेशन की जरूरत बताई।

साइबर अपराध: हर मुकदमा साइबर थाने में दर्ज नहीं होगा

ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराधों के लिए आईजी ने एक नया प्रयोग शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ग्रामीण पीड़ित को 100 किलोमीटर दूर साइबर थाने भेजा जाता है, जिससे पहले ही काफी नुकसान हो जाता है।इसलिए छोटे थानों में 2-3 दक्ष पुलिसकर्मी तैयार किए जाएंगे जो कॉल डिटेल निकाल सकें, डेटा एनालिसिस कर सकें और खाते ब्लॉक करवा सकें। इससे साइबर मामलों की जांच रूरल लेवल पर ही हो सकेगी और पीड़ित को दूर नहीं जाना पड़ेगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.