टोंक में बजरी माफियाओं से मिलीभगत का बड़ा मामला: सरोली पुलिस चौकी प्रभारी ASI राजेंद्र शर्मा सस्पेंड, वसूली का वीडियो वायरल होने पर SP ने की त्वरित कार्रवाई

राजस्थान के टोंक जिले में बजरी माफियाओं से मिलीभगत का मामला सामने आया, जहां सरोली पुलिस चौकी प्रभारी ASI राजेंद्र शर्मा पर वसूली का आरोप लगा। जयपुर-कोटा NH-52 पर बनास नदी से अवैध बजरी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रिश्वत लेने का अंधेरे में बना वीडियो वायरल होने पर टोंक SP राजेश कुमार मीना ने तुरंत ASI को सस्पेंड कर दिया। विभाग ने विस्तृत जांच शुरू की है और मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

Feb 25, 2026 - 12:19
टोंक में बजरी माफियाओं से मिलीभगत का बड़ा मामला: सरोली पुलिस चौकी प्रभारी ASI राजेंद्र शर्मा सस्पेंड, वसूली का वीडियो वायरल होने पर SP ने की त्वरित कार्रवाई

टोंक, राजस्थान: राजस्थान के टोंक जिले में अवैध बजरी परिवहन और माफिया गतिविधियों से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जयपुर-कोटा नेशनल हाईवे-52 पर बजरी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कथित वसूली का वीडियो सोशल मीडिया और पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद टोंक के एसपी राजेश कुमार मीना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सरोली पुलिस चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक (ASI) राजेंद्र शर्मा को सस्पेंड कर दिया है।

घटना का विवरण

सूत्रों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार रात करीब 9:30 बजे घाड़ थाना क्षेत्र में जयपुर-कोटा नेशनल हाईवे-52 पर मोरल्या आमली मोड़ (जिसे देवल्या आमली मोड़ भी कहा जा रहा है) के पास हुई। बनास नदी से निकाली गई अवैध बजरी से लदी कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हाईवे से गुजर रही थीं। इसी दौरान सरोली पुलिस चौकी प्रभारी ASI राजेंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों से कथित तौर पर पैसे वसूले।

एक अज्ञात व्यक्ति ने इस पूरी घटना को मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया। कुल तीन वीडियो बनाए गए, जो काफी अंधेरे में शूट किए गए थे। वीडियो में चेहरे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन बातचीत और लेन-देन की आवाजें साफ सुनाई दे रही हैं, जिसके आधार पर ASI की पहचान की गई। इन वीडियो को सोमवार रात ही टोंक एसपी कार्यालय तक पहुंचा दिया गया।

एसपी की प्रतिक्रिया और कार्रवाई

टोंक के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्रारंभिक जांच शुरू करवाई। उन्होंने बताया कि वीडियो सोमवार रात सामने आया था। अंधेरे में होने के बावजूद आवाजों और परिस्थितियों के आधार पर प्राथमिक सत्यापन किया गया। मंगलवार देर शाम ASI राजेंद्र शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया और उन्हें लाइन अटैच (लाइन में लगाया) कर दिया गया है।

एसपी मीना ने कहा, "वीडियो अंधेरे में बना है और पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता और पुलिस की छवि पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है। अब इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"

वसूली का संदर्भ और बजरी माफिया का नेटवर्क

राजस्थान में बजरी (रेत-बजरी) का अवैध खनन और परिवहन लंबे समय से एक बड़ी समस्या बना हुआ है। बनास नदी जैसे क्षेत्रों से बिना अनुमति के बजरी निकालकर हाईवे से ट्रांसपोर्ट किया जाता है, जिसमें स्थानीय माफिया सक्रिय रहते हैं। पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार वीडियो के जरिए सबूत सामने आने से कार्रवाई तेज हुई।

हाईवे पर रात के समय ऐसी वसूली आम बात बताई जा रही है, जहां पुलिस चेकिंग के नाम पर ट्रक-ट्रैक्टर चालकों से पैसे ऐंठते हैं और बदले में उन्हें बिना रोक-टोक गुजरने देते हैं। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस में सुधार और सख्त निगरानी की मांग को तेज कर दिया है।

आगे क्या?

एसपी ने जांच के लिए विशेष टीम गठित करने के संकेत दिए हैं। यदि जांच में मिलीभगत या भ्रष्टाचार सिद्ध होता है, तो ASI के साथ अन्य संलिप्त पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.