खेलते-खेलते खुले पानी के टैंक में गिरा 5 साल का मासूम गणेश, डेढ़ घंटे बाद तैरता मिला शव – परिवार में छाया मातम

उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत भूताला के घाटा गांव में 5 साल के मासूम गणेश पुत्र शंकर गमेती खेलते-खेलते घर के पास खुले पानी के टैंक में गिर गया। डेढ़ घंटे बाद मां ने तलाश की तो टैंक में उसका शव तैरता मिला। टैंक पर ढक्कन या कोई कवर नहीं था, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। पुलिस ने शव निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। परिवार शोक में डूबा है, थानाधिकारी ने लोगों से खुले टैंकों को सुरक्षित रखने की अपील की।

Jan 10, 2026 - 15:38
खेलते-खेलते खुले पानी के टैंक में गिरा 5 साल का मासूम गणेश, डेढ़ घंटे बाद तैरता मिला शव – परिवार में छाया मातम

उदयपुर, राजस्थान: एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसे ने उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र के भूताला के घाटा गांव को शोक में डुबो दिया है। मात्र 5 साल के निर्दोष बच्चे गणेश की खेलते-खेलते खुले पानी के टैंक में गिरने से मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है, जब छोटा गणेश अपने घर के बाहर सामान्य रूप से खेल रहा था।

हादसे का पूरा विवरण

गणेश पुत्र शंकर गमेती रोज की तरह घर के बाहर खेलने निकला था। मासूम बच्चा खुशी-खुशी खेल रहा था, लेकिन अचानक वह घर के पास बने खुले पानी के टैंक में गिर गया। टैंक पर न तो कोई ढक्कन लगा था और न ही कोई पत्थर, जाली या कवर रखा गया था। लापरवाही के कारण छोटा बच्चा पानी में डूब गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।करीब डेढ़ घंटे तक बच्चा घर नहीं लौटा तो उसकी मां को चिंता हुई। मां बाहर निकलीं और इधर-उधर तलाश करने लगीं। पड़ोसियों के यहां, आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की गई, लेकिन कहीं नहीं मिला। अंत में मां की नजर घर के पास बने खुले पानी के टैंक पर पड़ी। टैंक का ढक्कन खुला देखकर उन्होंने अंदर झांका, तो पानी में गणेश का शव तैरता हुआ नजर आया। यह नजारा देखकर मां का दिल टूट गया और पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस और परिजनों की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही गोगुंदा पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी श्याम सिंह चारण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने परिजनों की मदद से बच्चे के शव को टैंक से बाहर निकाला। शव को गोगुंदा अस्पताल की मोर्चरी में ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम कराया गया।थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि यह पूरी तरह से लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा, "टैंक पर ढक्कन नहीं लगाया जाना बड़ी चूक थी। छोटी-सी लापरवाही भी कभी-कभी इतने बड़े हादसे का कारण बन जाती है।"

परिवार की स्थिति और सामाजिक अपील

गणेश के परिवार में कुल 3 भाई-बहन हैं। उसके पिता शंकर गमेती मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाते हैं। इतनी छोटी उम्र में बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव भर में मातम का माहौल है और लोग इस दुखद घटना से बेहद आहत हैं।थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने इस मौके पर पूरे क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के बाहर बने पानी के टैंकों, कुओं या गड्ढों को कभी भी खुला न छोड़ें। टैंक पर हमेशा मजबूत ढक्कन, जाली या कोई सुरक्षित कवर जरूर लगाएं, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। उन्होंने कहा, "बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। एक पल की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।"

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.