1 रुपये का शगुन, बिना दहेज की शादी IPS अंशिका-केके बिश्नोई ने समाज को दिया बड़ा संदेश, सादगी और संस्कारों से जीता दिल..

जोधपुर में IPS अधिकारी अंशिका वर्मा और के.के. बिश्नोई की शादी सादगी और सामाजिक संदेश का उदाहरण बनी। अजित भवन में संपन्न इस विवाह में दूल्हे ने दहेज लेने से इनकार करते हुए केवल 1 रुपये का शगुन और नारियल स्वीकार किया। इस पहल ने दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया और समाज को नई सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया।

Mar 31, 2026 - 14:04
1 रुपये का शगुन, बिना दहेज की शादी IPS अंशिका-केके बिश्नोई ने समाज को दिया बड़ा संदेश, सादगी और संस्कारों से जीता दिल..

जोधपुर 31 मार्च 2026 राजस्थान :- जोधपुर में एक ऐसी शादी देखने को मिली, जिसने परंपराओं के बीच आधुनिक सोच की एक मजबूत मिसाल पेश की। अंशिका वर्मा और के.के. बिश्नोई की शादी सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं रही, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बन गई।

सादगी में दिखी असली खूबसूरती

शादी की शुरुआत हल्दी और मेहंदी जैसी रस्मों से हुई, जहां अंशिका वर्मा बेहद सरल और सादगी भरे अंदाज़ में नजर आईं। बिना किसी दिखावे के, उनकी सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया।

अजित भवन में संपन्न हुई शादी

रविवार को जोधपुर के मशहूर Ajit Bhawan में दोनों आईपीएस अधिकारियों ने बिश्नोई समाज की परंपराओं के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए। पूरे समारोह में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ सादगी और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया।

भावुक रही विदाई की घड़ी

शादी के बाद अंशिका वर्मा की विदाई का पल बेहद भावुक रहा। परिवार और रिश्तेदारों की आंखें नम थीं। एक तरफ बेटी की नई जिंदगी की खुशी, तो दूसरी तरफ उससे बिछड़ने का दर्द—यह पल हर किसी के दिल को छू गया।

दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत संदेश

इस शादी की सबसे खास बात रही दहेज को लेकर लिया गया फैसला। के.के. बिश्नोई ने अपने ससुराल से दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ 1 रुपये का शगुन और नारियल स्वीकार कर यह संदेश दिया कि आज के समय में दहेज प्रथा का कोई स्थान नहीं है।

 पिता का गर्व भरा बयान

दूल्हे के पिता ने भावुक होकर कहा—

“हमारे घर में एक IPS अधिकारी बेटी बनकर आई है, हम बेटियों से कुछ लेते नहीं हैं। हमें हमारा अनमोल रत्न मिल गया, अब हमें और कुछ नहीं चाहिए।”

बेटी के पिता की भावनाएं

अंशिका वर्मा के पिता ने भी इस रिश्ते पर गर्व जताते हुए कहा—

“हमारी बेटी बहुत भाग्यशाली है कि उसे ऐसी सोच वाला परिवार मिला। अगर हर परिवार इसी सोच को अपनाए, तो दहेज प्रथा अपने आप खत्म हो जाएगी।”

समाज के लिए एक प्रेरणा

यह शादी केवल एक पारिवारिक समारोह नहीं, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश है कि बदलाव की शुरुआत खुद से करनी होती है। जब समाज के जिम्मेदार और उच्च पदों पर बैठे लोग इस तरह की पहल करते हैं, तो उसका असर दूर तक जाता है।