टोंक में दर्दनाक हादसा: खेत पर चारा काटते समय करंट लगने से पिता-पुत्र की मौत, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
राजस्थान के टोंक जिले के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में खेत पर चारा काटते समय करंट लगने से पिता और पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।
राजस्थान के टोंक जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया हैं। नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में रविवार सुबह खेत पर चारा काटते समय करंट लगने से पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।
हादसे के बाद जब मृतक की पत्नी खेत पर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर वह बदहवास हो गई और जोर-जोर से चीखने लगी। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत मदद शुरू की।
ट्रांसफॉर्मर के पास चारा काटते समय फैला करंट
जानकारी के अनुसार, नगरफोर्ट निवासी बद्रीलाल गुर्जर (70) और उनका बेटा रमेश गुर्जर (40) रविवार सुबह पशुओं के लिए चारा लेने खेत (मानक जी का कुआं क्षेत्र) में गए थे। दोनों ट्रांसफॉर्मर के पास चारा काट रहे थे, तभी अचानक जमीन में करंट फैल गया। करंट की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पत्नी के पहुंचने पर सामने आया दर्दनाक दृश्य
करीब एक घंटे बाद मृतक की पत्नी खेत पर पहुंची। वहां उसने अपने पति और बेटे को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। यह दृश्य देखकर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत बिजली सप्लाई बंद करवाई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और पुलिस को सूचना दी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर नगरफोर्ट अस्पताल भिजवाया गया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए।
एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
घटना के बाद गांव में मातम का माहौल छा गया। परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
लापरवाही पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों ने ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और बिजली लाइनों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।