बाड़मेर में VDO भर्ती परीक्षा: सख्ती से चेकिंग, चेन लगी टी-शर्ट वाली लड़कियों को रोका; कंगन खुलवाए, फेस स्कैन के बाद ही मिली एंट्री

बाड़मेर में VDO भर्ती परीक्षा के 19 केंद्रों पर सख्त सुरक्षा; चेन वाली टी-शर्ट और कंगन उतरवाकर फेस स्कैन के बाद एंट्री, 85.52% अभ्यर्थी शामिल।

Nov 2, 2025 - 16:49
बाड़मेर में VDO भर्ती परीक्षा: सख्ती से चेकिंग, चेन लगी टी-शर्ट वाली लड़कियों को रोका; कंगन खुलवाए, फेस स्कैन के बाद ही मिली एंट्री

बाड़मेर, 2 नवंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में ग्राम विकास अधिकारी (VDO) भर्ती परीक्षा के दौरान प्रशासन ने सख्त सुरक्षा और नकल-रोधी उपाय अपनाए। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बारीकी से जांच की गई, जिसमें चेन लगी टी-शर्ट पहने लड़कियों को प्रवेश से रोका गया। उन्हें कंगन खुलवाने पड़े और फेस स्कैनिंग के बाद ही परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति मिली। कुल 19 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 85.52 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कोई बड़ी अनियमितता की शिकायत नहीं आई।

परीक्षा का आयोजन और सख्त सुरक्षा प्रबंध;  बाड़मेर जिले में VDO भर्ती 2025 के लिए रविवार को 19 विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। इन केंद्रों में सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को चुना गया था, जो जिले के प्रमुख क्षेत्रों जैसे बाड़मेर शहर, बालोतरा, बायतु, धोरिमना, पचपदरा, सिवाना, चौहटन और उदयपुरवाटी आदि में फैले हुए थे। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित था, और कुल 2,500 से अधिक अभ्यर्थी इसमें पंजीकृत थे।प्रशासन ने नकल रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सख्ती बरती। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश द्वार पर ही विस्तृत जांच से गुजरना पड़ा। विशेष रूप से, महिलाओं के लिए अलग-अलग जांच काउंटर स्थापित किए गए थे, जहां महिला सुरक्षाकर्मियों ने उनकी तलाशी ली। खबरों के अनुसार, कई लड़कियां चेन लगी टी-शर्ट या अन्य धातु के आभूषण पहने केंद्र पहुंचीं, जिसे संदिग्ध मानते हुए उन्हें तुरंत रोका गया। इन अभ्यर्थियों को आभूषण उतारने के निर्देश दिए गए, जिसमें कंगन, चेन, पायल आदि शामिल थे। इसके बाद, हर अभ्यर्थी का फेस स्कैनिंग के माध्यम से सत्यापन किया गया। यह प्रक्रिया बायोमेट्रिक सिस्टम पर आधारित थी, जिसमें आधार कार्ड से लिंक्ड फोटो से तुलना की गई।एक परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारी ने बताया, "हमने किसी भी प्रकार की धातु वस्तु को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ छिपी नकल का माध्यम बन सकती है। लड़कियों को चेन वाली टी-शर्ट हटाने या वैकल्पिक कपड़े पहनने को कहा गया। कई ने तुरंत सहयोग किया, जबकि कुछ को परिवार के सदस्यों से सहायता लेनी पड़ी।" इसी तरह, पुरुष अभ्यर्थियों की जेबें, बेल्ट, घड़ियां और मोबाइल फोन की जांच की गई। सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को बाहर जमा करवाए गए।

उपस्थिति दर और परीक्षा की शांतिपूर्ण समाप्ति;  परीक्षा की कुल उपस्थिति दर 85.52 प्रतिशत रही, जो अपेक्षाकृत अधिक है। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, लगभग 2,137 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 363 अनुपस्थित रहे। यह दर पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है, जो अभ्यर्थियों के उत्साह को दर्शाती है। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था, जिसमें 50 से अधिक पुलिसकर्मी और मैग्नेटिक डिटेक्टर मशीनें शामिल थीं। कोई झड़प या विवाद की घटना नहीं हुई।हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि सख्ती के कारण समय पर प्रवेश नहीं मिला, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सभी के हित में था।

नकल-रोधी उपायों का व्यापक संदर्भ

;  VDO भर्ती परीक्षा राजस्थान अधीनस्थ और मंत्रीगण सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा आयोजित की जाती है, जो ग्रामीण विकास विभाग में 800 से अधिक पदों के लिए है। पिछले वर्षों में नकल के कई मामले सामने आने के बाद इस बार सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप डिजिटल निगरानी बढ़ाई गई। बाड़मेर जैसे दूरस्थ जिले में, जहां साक्षरता दर कम है, ऐसे उपाय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। 

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.