उदयपुर में सनसनीखेज वारदात: बदमाशों ने घर में लगाई आग, नाबालिग बेटी को अगवा करने की कोशिश
उदयपुर के नाई थाना क्षेत्र के पई गांव में चार बदमाशों ने एक परिवार के घर में आग लगा दी और 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को जबरन उठाकर ले जाने की कोशिश की। परिवार सो रहा था, आग लगने पर जान बचाकर भागे, लेकिन हमलावर छोटी बेटी को निशाना बनाते रहे। लोगों के शोर मचाने और पुलिस पहुंचने पर बदमाश फरार हो गए। घर पूरी तरह जल गया, सारा सामान राख। पीड़ित परिवार ने आरोपियों को पहचानने का दावा किया है और जान का खतरा बताया। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की है।
उदयपुर जिले के नाई थाना क्षेत्र स्थित पई गांव में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। चार हमलावरों ने एक परिवार के घर पर हमला बोल दिया। उन्होंने घर में आग लगा दी, बाहर खड़ी बाइक को जला दिया और बरामदे में लगी सीमेंट की चादर को तोड़ डाला। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि हमलावरों ने घर में सो रही 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को जबरन उठाकर ले जाने की कोशिश की। हालांकि, आसपास के लोगों के जागने और शोर मचाने पर बदमाश मौके से फरार हो गए।
घटना का समय और विवरण यह वारदात बीती रात करीब 11 बजे की है। पीड़ित परिवार उस समय अपने केलूपोश (कच्चे-पक्के) घर में सो रहा था। परिवार में पति-पत्नी और उनकी दो बेटियां शामिल हैं। अचानक हमलावरों ने घर पर धावा बोला। उन्होंने पहले घर के बाहर खड़ी बाइक में आग लगा दी, बरामदे की सीमेंट शेड को तोड़ दिया और फिर घर के अंदर आग लगा दी। आग की लपटें देखकर परिवार के सदस्य नींद से जागे और जान बचाने के लिए बाहर भागने लगे।इसी अफरा-तफरी के बीच हमलावरों ने परिवार की 17 साल की छोटी बेटी को पकड़ लिया और उसे जबरन उठाकर ले जाने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार के मुखिया ने बताया कि बदमाश विशेष रूप से छोटी बेटी को निशाना बना रहे थे। लेकिन जैसे ही आसपास के लोग जागे और शोर मचाना शुरू किया, हमलावर घबरा गए और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।संयोगवश, उसी समय गश्त पर निकली पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और परिवार से पूरी जानकारी ली।
नुकसान और परिवार की स्थिति आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। केलूपोश घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। इसमें रखे बिस्तर, कपड़े, रसोई का सामान और अन्य घरेलू सामग्री सब जलकर खाक हो गई। परिवार के पास अब रहने के लिए छत तक नहीं बची। घटना के बाद परिवार ने रात किसी तरह रिश्तेदारों और परिचितों के घर में गुजारी। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्हें जान का खतरा महसूस हो रहा है और वे काफी डरे हुए हैं।
पीड़ित का बयान पीड़ित पिता ने मीडिया को बताया, "हम सब – मैं, मेरी पत्नी और दोनों बेटियां – घर में सो रहे थे। अचानक तेज आवाजें आईं और नींद खुली तो घर जलता हुआ दिखा। हम सब घबराकर बाहर भागने लगे। तभी बदमाशों ने मेरी छोटी बेटी को पकड़ लिया और उसे उठाकर ले जाने की कोशिश की। शुक्र है कि वे सफल नहीं हुए। आसपास के लोग जाग गए और शोर मचाने लगे, जिससे बदमाश भाग निकले। हम आरोपियों को पहचानते हैं। घर का सारा सामान जल गया। हमें जान का खतरा है। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।"
पुलिस की कार्रवाई पीड़ित परिवार ने नाई थाने में मामला दर्ज कराया है। थानाधिकारी देवीलाल ने बताया कि पुलिस टीम हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है। आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस घटना के कारणों की भी जांच कर रही है, हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि वे बदमाशों को जानते हैं, जिससे पुरानी रंजिश या कोई व्यक्तिगत दुश्मनी की आशंका जताई जा रही है।यह घटना इलाके में दहशत का माहौल बना रही है। ग्रामीणों में आक्रोश है और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि ऐसी वारदात दोबारा न हो।