दो मासूमों की सांप के काटने से मौत, झाड़-फूंक से देरी बनी काल

चौरासी थाना क्षेत्र के नागरियां पंचेला गांव में दो बहनों, मुन्ना (7) और रेखा (6), की सर्पदंश से मौत हो गई, जब वे खेत में पानी ले जा रही थीं; झाड़-फूंक में समय बर्बाद होने के कारण अस्पताल में दोनों को मृत घोषित किया गया।

Jul 16, 2025 - 14:02
दो मासूमों की सांप के काटने से मौत, झाड़-फूंक से देरी बनी काल

चौरासी थाना क्षेत्र के नागरियां पंचेला गांव में एक हृदयविदारक घटना में दो मासूम बहनों की सांप के काटने से मौत हो गई। मृतक बहनें, सात वर्षीय मुन्ना और छह वर्षीय रेखा, अपने म parents के लिए खेत में पानी लेकर जा रही थीं, जब रास्ते में सांप ने उन्हें डस लिया।

एएसआई जीवनलाल ने बताया कि मृतकाओं के पिता कालूराम कटारा, जो नागरियां पंचेला के निवासी हैं, ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ रोज की तरह खेत में काम कर रहे थे। इस दौरान उनकी बेटियां मुन्ना और रेखा पानी लेकर खेत की ओर आ रही थीं। रास्ते में दोनों को सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद दोनों बहनें खेत पर पहुंचीं और फिर माता-पिता के साथ घर लौटकर सो गईं।

दोपहर 12 बजे जब परिजनों ने उन्हें जगाने की कोशिश की, तो दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। परिजन तुरंत दोनों को स्थानीय भोпе के पास ले गए, जहां करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक की गई। लेकिन इससे कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन दोनों बहनों को सीमलवाड़ा अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बहनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। इस दुखद घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और आसपास के ग्रामीणों ने उन्हें सांत्वना दी।

चिकित्सकों की सलाह

चिकित्सकों ने सांप के काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद करने से बचें। प्रभावित क्षेत्र को बांधने या मरीज को पीठ के बल लिटाने से रक्त संचार बाधित हो सकता है, जो स्थिति को और गंभीर बना सकता है। सांप के काटने के तुरंत बाद मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाएं और चिकित्सक के परामर्श के अनुसार उपचार करवाएं। ऐसा करने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

इस दुखद घटना ने पूरे नागरियां पंचेला गांव को गमगीन कर दिया है। ग्रामीणों और परिजनों के बीच शोक की लहर है, और सभी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।

Yashaswani Journalist at The Khatak .