लव मैरिज के बाद परिवार की धमकियों से त्रस्त दंपती ने टोंक SP से मांगी सुरक्षा: तीन साल पुरानी कोर्ट शादी के बावजूद जान का खतरा, पति को अपहरण कर मारपीट
टोंक जिले में तीन साल पहले कोर्ट मैरिज करने वाले एक दंपती ने परिवार की लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों और हाल ही में पति के साथ मारपीट की घटना के बाद पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा मांगी है। समझौते के बावजूद धमकियां जारी हैं, दंपती किराए के कमरे में रह रहा है और गांव लौटने से डर रहा है।
राजस्थान के टोंक जिले में एक लव मैरिज करने वाले दंपती ने अपनी जान को खतरे में बताते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) से सुरक्षा की गुहार लगाई है। यह दंपती तीन साल पहले कोर्ट में शादी कर चुका है, लेकिन परिवार वालों की लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं। दंपती का आरोप है कि परिजन उन्हें गांव में जाने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, और हाल ही में पति के साथ मारपीट की घटना भी हुई है।
शादी और शुरुआती परेशानियां
महिला ने SP को दी गई शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में उसने अपने ही क्षेत्र के एक युवक के साथ घर से निकलकर कोर्ट मैरिज की थी। दोनों ने प्यार के आधार पर यह फैसला लिया था, लेकिन शादी के बाद दोनों परिवारों की नाराजगी सामने आ गई। शादी के तुरंत बाद से ही परिजनों की ओर से मोबाइल पर लगातार धमकियां मिलने लगीं। धमकियों में साफ कहा जा रहा था कि यदि वे गांव में दिखाई दिए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
इस डर के कारण दंपती को अपना घर-गांव छोड़ना पड़ा। फिलहाल वे टोंक के कस्बे में किराए के एक कमरे में रह रहे हैं। उनके पास एक लगभग 8 महीने का छोटा बच्चा भी है। दंपती का कहना है कि वे बस एक सामान्य, शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, लेकिन परिवार की इन धमकियों ने उनके लिए भय का माहौल बना दिया है। वे गांव लौटकर सामान्य तरीके से रहना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं हो पा रहा।
समझौते के बावजूद जारी धमकियां
शिकायत में महिला ने यह भी उल्लेख किया कि शादी के कुछ समय बाद दोनों पक्षों के बीच समाज के पंचों की मौजूदगी में एक समझौता कराया गया था। इस समझौते के तहत कुछ आर्थिक लेन-देन भी हुआ और एक लिखित इकरारनामा (एग्रीमेंट) तैयार किया गया। समझौते का मकसद विवाद को खत्म करना था, लेकिन इसके बावजूद महिला के मायके (मायके पक्ष) के लोग अब भी उन्हें फोन पर धमका रहे हैं। दंपती का आरोप है कि समझौता होने के बाद भी धमकियां नहीं रुकीं, बल्कि बढ़ती ही जा रही हैं।
4 मार्च की मारपीट की घटना
मामले में सबसे गंभीर घटना 4 मार्च को हुई। महिला के अनुसार, उसके पति को बाजार से कुछ लोगों ने जबरन कार में बैठा लिया और पास के एक सुनसान रास्ते पर ले जाकर बुरी तरह मारपीट की। पीटते समय आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दीं। घटना के दौरान वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों को मामला संदिग्ध लगा, तो उन्होंने ध्यान दिया। इससे डरकर आरोपियों ने युवक को धमकी देकर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।
इस मारपीट की शिकायत दंपती ने स्थानीय थाने में तुरंत दर्ज कराई, लेकिन उनका कहना है कि अब तक पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस या सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। इससे उनका डर और बढ़ गया है।
SP से मुलाकात और मांगें
परेशान होकर दंपती ने हाल ही में टोंक के पुलिस अधीक्षक (SP राजेश कुमार मीना) से व्यक्तिगत मुलाकात की और पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने SP से दो मुख्य मांगें की हैं:उन्हें और उनके बच्चे को तत्काल पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।धमकी देने वाले परिजनों और मारपीट में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।दंपती का कहना है कि वे बिना किसी डर के अपने गांव में लौटकर रहना चाहते हैं और अपना परिवार संभालना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए पुलिस का सहयोग और सुरक्षा जरूरी है।