सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: SI भर्ती-2025 में 2021 के ओवरएज अभ्यर्थियों को प्रोविजनल शामिल करने की अनुमति, परीक्षा नहीं टली

सुप्रीम कोर्ट ने SI भर्ती-2025 की परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने 2021 की भर्ती के ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को 5 और 6 अप्रैल 2026 को होने वाली परीक्षा में प्रोविजनल रूप से शामिल होने की अनुमति दे दी है। हालांकि परीक्षा स्थगित करने से इनकार कर दिया गया और इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट सील बंद लिफाफे में रखा जाएगा। यह राहत उन अभ्यर्थियों को मिली है जिनकी 2021 की भर्ती पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी और अब वे आयु सीमा पार कर चुके हैं। अंतिम फैसला राजस्थान हाईकोर्ट पर निर्भर करेगा।

Apr 2, 2026 - 15:33
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: SI भर्ती-2025 में 2021 के ओवरएज अभ्यर्थियों को प्रोविजनल शामिल करने की अनुमति, परीक्षा नहीं टली

राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने 2021 की SI भर्ती में शामिल रहे और अब आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को 5 और 6 अप्रैल 2026 को होने वाली परीक्षा में प्रोविजनल (अस्थायी) रूप से शामिल होने की अनुमति दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम सील बंद लिफाफे में रखा जाएगा और अंतिम फैसला राजस्थान हाईकोर्ट के आने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा।

क्या था पूरा विवाद?

यह मामला 2021 की राजस्थान SI भर्ती से जुड़ा है, जिसे पेपर लीक और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को रद्द कर दिया था। उस समय हाईकोर्ट ने कैबिनेट सब-कमेटी की अनुशंसा के आधार पर 2021 भर्ती के अभ्यर्थियों को आगामी भर्ती (2025) में आयु सीमा में छूट देने की सिफारिश भी की थी।

8 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के भर्ती रद्द करने वाले फैसले पर स्टे (रोक) लगा दी।इसके बाद RPSC ने 2025 की भर्ती में 2021 के अभ्यर्थियों को विशेष आयु छूट नहीं दी।प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में नई याचिकाएं दायर कीं। सुप्रीम कोर्ट के रिमांड के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 19 जनवरी 2026 को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया, लेकिन ढाई महीने बीत जाने के बाद भी फैसला नहीं आया।सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट को 31 मार्च 2026 तक इस मामले पर फैसला करने का निर्देश दिया था, लेकिन वह समय सीमा भी निकल गई।

सूरजमल मीणा की याचिका और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

2021 भर्ती के अभ्यर्थी सूरजमल मीणा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया गया। इसमें मुख्य मांग थी कि 5-6 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित SI/प्लाटून कमांडर भर्ती-2025 परीक्षा को कम से कम 4 सप्ताह के लिए टाल दिया जाए, ताकि हाईकोर्ट का फैसला आने तक अभ्यर्थियों के अधिकार सुरक्षित रहें।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच (जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा) ने सुनवाई के दौरान:परीक्षा स्थगित करने से इनकार कर दिया।राजस्थान सरकार की दलीलों को स्वीकार किया कि हजारों अभ्यर्थी तैयार हैं, प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं, और आखिरी समय में स्थगन से बड़ी अव्यवस्था फैलेगी।लेकिन 2021 के अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें परीक्षा में प्रोविजनल शामिल होने की अनुमति दे दी।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों की भागीदारी अस्थायी होगी और उनका रिजल्ट सील बंद रखा जाएगा।

याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट पीबी सुरेश और एडवोकेट हरेंद्र नील ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट का फैसला न आने से अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने किसी भी प्रकार की रोक का विरोध किया।

पृष्ठभूमि और प्रभाव

2021 भर्ती: पेपर लीक मामले में RPSC की 859 पदों वाली भर्ती रद्द हुई। कई अभ्यर्थी अब आयु सीमा से बाहर हो चुके हैं।2025 भर्ती: कुल 1015 पदों (SI AP, IB, Platoon Commander RAC आदि) के लिए परीक्षा 5 और 6 अप्रैल 2026 को दो शिफ्टों में होनी है। एडमिट कार्ड 2 अप्रैल को जारी हुए।हाईकोर्ट का अंतिम फैसला अभी लंबित है, जो 2021 भर्ती की वैधता और आयु छूट दोनों पर असर डालेगा।यह आदेश उन सैकड़ों अभ्यर्थियों के लिए राहत की किरण है जो 2021 में परीक्षा देकर अब उम्र की वजह से बाहर हो रहे थे। हालांकि, परीक्षा नहीं टलने से नए और पुराने अभ्यर्थियों दोनों को अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देनी होगी। अंतिम नतीजा हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.