बायोडीजल भरे टैंकर में लगी भीषण आग, आग का गोला बन गया वाहन; अजमेर-ब्यावर नेशनल हाईवे पर डेढ़ घंटे तक चली दमकल की मशक्कत, 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा
अजमेर जिले के मांगलियावास में अजमेर-ब्यावर नेशनल हाईवे-8 पर गुरुवार सुबह बायोडीजल से भरे टैंकर में टायर फटने के कारण भीषण आग लग गई। टैंकर आग का गोला बन गया। ड्राइवर और खलासी ने समय रहते वाहन छोड़कर अपनी जान बचा ली। दमकल की पांच गाड़ियों ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया, लेकिन लापरवाह लोगों के कारण दोनों ओर डेढ़ से दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। टैंकर गुजरात से अजमेर आ रहा था। किसी की जान नहीं गई, लेकिन यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। ब्यावर से अजमेर की ओर आ रहे बायोडीजल से भरे एक टैंकर में अचानक आग लग गई। टायर फटने के कारण शुरू हुई आग ने देखते ही देखते पूरे टैंकर को अपनी चपेट में ले लिया और वह आग का विशाल गोला बन गया। यह घटना अजमेर-ब्यावर नेशनल हाईवे-8 (NH-8) पर मांगलियावास क्षेत्र में सुबह साढ़े आठ बजे की है।
टैंकर में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास धुएं का गुबार उठने लगा और लपटें दूर से भी साफ दिखाई दे रही थीं। luckily, टैंकर का ड्राइवर और खलासी आग लगते ही तुरंत सतर्क हो गए। उन्होंने वाहन को सड़क किनारे पार्क किया और तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। इससे बड़ा जनहानि का हादसा टल गया। टैंकर गुजरात से अजमेर की ओर बायोडीजल लेकर आ रहा था।
दमकल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही मांगलियावास पुलिस और दमकल विभाग की पाँच गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 10 बजे के आसपास आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझाने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की।
मौके पर पीसांगन एसडीएम राजीव बड़गूजर, तहसीलदार भागीरथ चौधरी, पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी, नसीराबाद सदर थानाधिकारी अशोक बिश्नोई और मांगलियावास थाना प्रभारी श्रवण चौधरी ने जाब्ते के साथ मोर्चा संभाला। उन्होंने ट्रैफिक को तुरंत डायवर्ट कर दिया और यातायात व्यवस्था संभाली।
लापरवाह लोगों से बढ़ा जाम
हालांकि पुलिस की बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लापरवाह लोग अपनी जान-माल की परवाह किए बगैर सुलगते हुए टैंकर के बेहद करीब से दुपहिया वाहनों पर गुजरते रहे। इससे हाईवे के दोनों ओर डेढ़ से दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। सड़क पर रोडवेज बसों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। एक किलोमीटर दूर से भी धुएं का गुबार और आग की लपटें साफ दिखाई दे रही थीं।
स्थानीय मदद
मांगलियावास स्थित जेबीआर कंपनी के कर्मचारी शेरू खान (रामपुरा डाबला), मनोज गौरा (जेठाना) और रोहित शर्मा (अजमेर) भी तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में दमकल कर्मियों की मदद की।
टैंकर आधा जलकर खाक
आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि टैंकर आधे से ज्यादा हिस्से में जलकर खाक हो गया। बायोडीजल की वजह से आग तेजी से फैली, लेकिन किसी की जान जाने की खबर नहीं है।