चाँदेसरा गाँव की तीन बहनों ने किया कमाल: एक ही परिवार की बेटियों ने RBSE 12वीं बोर्ड में गांव में टॉप किया
राजस्थान के चाँदेसरा गांव में एक ही परिवार की तीन बहनों वसुंधरा राजपुरोहित (95.60%), जसौदा राजपुरोहित (94.40%) और प्रियंका राजपुरोहित (86%) ने RBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर पूरे गांव में टॉप किया। स्कूल में तीनों को साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया, जिससे गांव में खुशी का माहौल छा गया। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा और मेहनत की मिसाल है।
राजस्थान के चाँदेसरा गांव में शिक्षा के क्षेत्र में एक अनोखी मिसाल कायम हुई है। एक ही परिवार की तीन बहनों—वसुंधरा राजपुरोहित, जसौदा राजपुरोहित और प्रियंका राजपुरोहित—ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे गांव में टॉप किया है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल छा गया है।
वसुंधरा राजपुरोहित ने 95.60 प्रतिशत अंक हासिल कर सबसे आगे रही, जबकि उनकी बहन जसौदा राजपुरोहित ने 94.40 प्रतिशत और प्रियंका राजपुरोहित ने 86 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। तीनों बहनों का यह संयुक्त प्रदर्शन गांव के लिए गर्व की बात है, खासकर ऐसे समय में जब ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर कई चुनौतियां होती हैं।
परिवार और गांव का उत्साह
इस सफलता पर चाँदेसरा गांव के स्कूल में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। तीनों छात्राओं को पारंपरिक तरीके से साफा बांधकर और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान स्कूल के शिक्षक, प्रधानाचार्य, अभिभावक और गांव के अन्य लोग मौजूद रहे। सम्मान मिलने से तीनों बहनों का हौसला और बढ़ गया। गांववासियों ने इस मौके पर मिठाइयां बांटीं और बेटियों की मेहनत की सराहना की।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि तीनों बहनों ने लगातार मेहनत की और एक-दूसरे का साथ देकर पढ़ाई की। घर में अनुकूल वातावरण और अभिभावकों का प्रोत्साहन भी उनकी सफलता की कुंजी रहा। वसुंधरा और जसौदा की ऊंची प्रतिशतता ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
ग्रामीण क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा का महत्व
यह घटना ग्रामीण राजस्थान में लड़कियों की शिक्षा की बढ़ती जागरूकता और संभावनाओं को दर्शाती है। अक्सर गांवों में संसाधनों की कमी, दूरी और सामाजिक बाधाओं के बावजूद ये तीनों बहनें अपनी मेहनत से साबित करती हैं कि समर्पण और सही मार्गदर्शन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ऐसी सफलताएं गांव की अन्य लड़कियों को आगे आने के लिए प्रेरित करेंगी। स्कूल प्रशासन ने भी तीनों छात्राओं को भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया है।