श्रीगंगानगर: RUB निर्माण की मांग पर ग्रामीणों ने ट्रेन रोकी, 40 मिनट तक ट्रैक पर धरना; सैकड़ों यात्री फंसे, जान जोखिम में डालकर पटरी पार करते हैं लोग
श्रीगंगानगर जिले के मोहननगर के पास ग्रामीणों ने रेल अंडर ब्रिज (RUB) निर्माण की मांग को लेकर गंगानगर-सूरतगढ़ पैसेंजर ट्रेन को 40 मिनट तक रोका। तेज ट्रेनों के बीच असुरक्षित पटरी पार करने से हादसों का खतरा बताते हुए उन्होंने ट्रैक पर धरना दिया। रेलवे अधिकारियों ने समझाइश के बाद ग्रामीण हटे, लेकिन लिखित आश्वासन न मिलने पर आगे आंदोलन की चेतावनी दी।
श्रीगंगानगर जिले में रेल अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार सुबह भड़क उठा। मोहननगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित अनियंत्रित रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे समय से RUB बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने गंगानगर से सूरतगढ़ जा रही पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक पर बैठकर धरना दे दिया। ट्रेन लगभग 40 मिनट तक रुकी रही, जिससे सैकड़ों यात्री फंस गए।
घटना का विवरण
सूरतगढ़ तहसील के मोहननगर और आसपास के गांवों के निवासी रोजाना इस रेलवे क्रॉसिंग से गुजरते हैं। यहां कोई फाटक या ब्रिज नहीं है, जिसके कारण स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे, किसान, महिलाएं और बुजुर्गों को तेज रफ्तार ट्रेनों के बीच पटरी पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्रॉसिंग पर कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन ने RUB निर्माण की दिशा में कोई रुचि नहीं दिखाई। लंबे समय से लिखित शिकायतें, ज्ञापन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण मोहननगर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पहुंचे। जैसे ही श्रीगंगानगर-सूरतगढ़ पैसेंजर ट्रेन आई, ग्रामीणों ने इंजन के आगे ट्रैक पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने नारेबाजी की और साफ कहा- "जब तक RUB नहीं बनेगा, ट्रेन नहीं चलेगी।" ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों को लंबी देरी का सामना करना पड़ा। कई यात्री परेशान होकर ट्रेन से उतर गए और पैदल ही आगे जाने की कोशिश करने लगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग और खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि यह क्रॉसिंग मोहननगर सहित कई गांवों के लिए एकमात्र रास्ता है। रोजाना सैकड़ों लोग यहां से गुजरते हैं, लेकिन बिना किसी सुरक्षा के पटरी पार करना जानलेवा साबित हो रहा है। कई बार ट्रेनों की टक्कर से हादसे हो चुके हैं, फिर भी RUB का निर्माण नहीं हो रहा। ग्रामीणों का गुस्सा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि वे पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला।
रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के स्थानीय अधिकारी और स्टाफ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और बातचीत की। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अगर RUB निर्माण का लिखित आश्वासन या ठोस समय-सीमा नहीं दी गई, तो आंदोलन और तेज होगा। करीब 40 मिनट की मसक्कत के बाद बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य हुई, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे 25 मिनट बताया गया है। अंततः ग्रामीण ट्रैक से हटे और ट्रेन आगे बढ़ सकी।
प्रभाव और भविष्य की चेतावनी
इस घटना से रेलवे लाइन पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो वे फिर से ट्रेन रोकने जैसे कदम उठा सकते हैं। यह मामला स्थानीय स्तर पर RUB निर्माण की लंबित मांगों को उजागर करता है, जहां सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचे की कमी लोगों की जान जोखिम में डाल रही है।