जिस स्कूल बस से उतरा, उसी ने 3 साल के मासूम को कुचल दिया: घर जाने के लिए सड़क पार कर रहा था बच्चा, ड्राइवर ने बिना देखे बस आगे बढ़ा दी

उसी स्कूल बस ने 3 वर्षीय लोकित मेघवाल को कुचल दिया जिससे वह स्कूल से घर पहुंचा । बस से उतरकर सड़क पार करते समय ड्राइवर की लापरवाही से बस का टायर बच्चे के सिर पर से निकल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ड्राइवर बस लेकर फरार हो गया। परिवार का इकलौता बेटा नर्सरी क्लास का छात्र था। ग्रामीणों ने ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया।

Apr 3, 2026 - 12:22
जिस स्कूल बस से उतरा, उसी ने 3 साल के मासूम को कुचल दिया: घर जाने के लिए सड़क पार कर रहा था बच्चा, ड्राइवर ने बिना देखे बस आगे बढ़ा दी

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पनियाला थाना क्षेत्र के कायमपुरा (कायमपुराबास) गांव में गुरुवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक और लापरवाही भरा हादसा हो गया। मात्र तीन साल के नन्हे लौकित मेघवाल को उसी स्कूल बस ने कुचल दिया, जिस बस से वह स्कूल से घर लौट रहा था। बस के कंडक्टर साइड का आगे का पहिया बच्चे के सिर के ऊपर से निकल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हादसे का पूरा विवरण

गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे प्रताप विद्या मंदिर स्कूल की बस गांव में बच्चों को छोड़ने आई थी। लौकित और उसके बड़े चाचा का बेटा बस से घर से लगभग 100 फीट पहले ही उतर गए। लौकित का घर सड़क के दूसरी तरफ था, इसलिए वह बस के सामने से सड़क पार कर रहा था। उसके चचेरे भाई पीछे थे।

इसी दौरान बस ड्राइवर ने बिना पीछे देखे या साइड मिरर चेक किए बस को आगे बढ़ा दिया। परिणामस्वरूप बस का आगे का टायर लौकित के सिर पर से गुजर गया। हादसा इतना भयानक था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर ने बस नहीं रोकी और फरार हो गया। बस में सवार अन्य बच्चों को लगभग 1 किलोमीटर दूर मीणों का मोहल्ला में उतार दिया गया।

परिवार की स्थिति और रिपोर्ट

लौकित नर्सरी क्लास में पढ़ता था और पिछले साल ही स्कूल जाना शुरू किया था। वह महज 3 महीने स्कूल गया था। उसके पिता बबूल (बबलू) मेघवाल उस समय कोटपूतली में मजदूरी कर रहे थे। शाम 7:30 बजे बच्चे का अंतिम संस्कार (दफन) कर दिया गया।

पिता बबूल मेघवाल ने पनियाला थाने में ड्राइवर के खिलाफ लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र कुमार ने इसकी पुष्टि की। रिपोर्ट में बताया गया कि लौकित परिवार का इकलौता बेटा था।

ग्रामीणों का गुस्सा और प्रशासन की भूमिका

हादसे की सूचना मिलते ही गांव के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने ड्राइवर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। शव को कपड़े से ढक दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर ग्रामीणों के साथ कहासुनी हुई।डीएसपी राजेंद्र बुड़बक और तहसीलदार रामधन गुर्जर ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।स्कूल संचालक अनिल यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद आ रहा था।

यह हादसा क्यों चौंकाने वाला है?

बच्चा उसी बस से उतरा था जिसमें वह रोज स्कूल आता-जाता था।ड्राइवर की लापरवाही (बिना देखे बस आगे बढ़ाना) सीधे तौर पर जिम्मेदार मानी जा रही है।बस में अन्य बच्चे भी सवार थे, फिर भी ड्राइवर ने बस रोकी नहीं।परिवार पर दोहरा सदमा—इकलौते बच्चे की मौत और ड्राइवर का फरार होना।यह घटना स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा, ड्राइवरों की ट्रेनिंग और कंडक्टर की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करती है। छोटे बच्चों को बस से उतारने के बाद ड्राइवर को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, लेकिन यहां पूरी तरह लापरवाही बरती गई।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.