जमीनी विवाद में महिलाओं पर बर्बर हमला: 15-20 लोगों ने लाठियों से पीटा, 3 गंभीर रूप से घायल

कोटा के पारलिया गांव में पुराने जमीनी विवाद के चलते 15-20 लोगों ने खेत में काम कर रही 8-10 महिलाओं पर अचानक लाठी-डंडों से बर्बर हमला किया। तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल, MBS अस्पताल में भर्ती। दो-तीन बच्चियां भी चोटिल। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, आरोपी फरार।

Nov 17, 2025 - 16:57
जमीनी विवाद में महिलाओं पर बर्बर हमला: 15-20 लोगों ने लाठियों से पीटा, 3 गंभीर रूप से घायल

कोटा, 17 नवंबर 2025: राजस्थान के कोटा जिले के ग्रामीण इलाके में एक जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। दीगोद थाना क्षेत्र के पारलिया गांव में खेतों में काम कर रही 8 से 10 महिलाओं पर अचानक 15-20 लोगों ने लाठियों और डंडों से बेरहमी से हमला बोल दिया। इस घटना में तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तत्काल कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में दो से तीन मासूम बच्चियां भी चोटिल हुई हैं, जबकि अन्य महिलाओं को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

घटना का विवरण: अचानक हमला और अफरा-तफरी पारलिया गांव एक शांत ग्रामीण बस्ती है, जहां अधिकांश लोग खेती-बाड़ी पर निर्भर हैं। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे, गांव के बाहरी हिस्से में स्थित एक खेत में 8 से 10 महिलाएं अपने दैनिक कार्यों में लगी हुई थीं। वे फसल की देखभाल और सिंचाई का काम कर रही थीं, जब अचानक एक बड़ी भीड़ ने उन पर धावा बोल दिया। हमलावरों की संख्या 15 से 20 बताई जा रही है, जो लाठियां, डंडे और अन्य हथियारों से लैस थे।गवाहों के अनुसार, हमला इतना तेज और सुनियोजित था कि महिलाओं को भागने का कोई मौका ही नहीं मिला। "हम लोग खेत में पानी लगा रही थीं, तभी ये लोग चिल्लाते हुए आए और बिना किसी चेतावनी के लाठियां चलाने लगे," एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया। हमले के दौरान चीख-पुकार मच गई, और आसपास के लोग दौड़कर आए, लेकिन तब तक हमलावर अपनी हवेली कर भाग चुके थे। इस दौरान तीन महिलाओं को सिर, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं, जिनमें से एक महिला को सिर पर गहरा घाव आ गया। इन तीनों को प्राथमिक उपचार के बाद एमबीएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है, लेकिन पूर्ण स्वस्थ होने में समय लगेगा। अन्य घायल महिलाओं को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके अलावा, हमले के दौरान दो-तीन बच्चियां, जो महिलाओं के साथ खेत में खेल रही थीं, मामूली खरोंचें और डर के मारे सदमे में हैं।

जमीन विवाद की पृष्ठभूमि: पुरानी रंजिश भड़की यह घटना एक लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद का परिणाम बताई जा रही है। पारलिया गांव में दो गुटों के बीच एक कृषि भूमि को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा है। एक पक्ष का दावा है कि जमीन उनके पूर्वजों की है, जबकि दूसरे पक्ष के अनुसार यह साझा खेती के लिए आरक्षित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद को लेकर पहले भी छोटे-मोटे झगड़े हो चुके हैं, लेकिन इस बार यह हिंसा में बदल गया।"यह जमीन हमारे परिवार की है, लेकिन दूसरे पक्ष वाले इसे हड़पना चाहते हैं। हमने कई बार तहसील में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई," एक घायल महिला के पति ने बताया। हमलावरों का संबंध दूसरे पक्ष से बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी नामों का खुलासा नहीं किया है। गांव में तनाव व्याप्त है, और स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए पंचायत स्तर पर बैठक बुलाई है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया;  घटना की सूचना मिलते ही दीगोद थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थानाधिकारी ने बताया, "हमने पीड़ित महिलाओं के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। हमलावरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (मारपीट), 191 (अवैध जमावड़ा) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।जिला कलेक्टर ने भी मामले का संज्ञान लिया है और घायलों को उचित मुआवजा एवं चिकित्सा सहायता का आश्वासन दिया है। महिला आयोग की एक टीम भी गांव का दौरा करने वाली है, ताकि पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित किया जा सके। स्थानीय विधायक ने सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा की है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

गांव में डर का माहौल: महिलाओं की सुरक्षा चिंता

यह घटना ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पारलिया जैसे गांवों में महिलाएं अक्सर अकेले खेतों में काम करती हैं, और ऐसे विवादों में वे सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवादों को सुलझाने के लिए त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की जरूरत है, वरना ऐसी घटनाएं बढ़ती जाएंगी। फिलहाल, गांव में पुलिस पिकेट तैनात कर दिया गया है, ताकि शांति बनी रहे।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.