राजस्थान सरकार ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीजी लॉ-एंड ऑर्डर का नया पद सृजित किया, संजय अग्रवाल को सौंपी कमान
राजस्थान सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए डीजी लॉ-एंड ऑर्डर का नया पद सृजित किया। आईपीएस संजय अग्रवाल को साइबर क्राइम, स्पेशल टास्क फोर्स और आर्थिक अपराध विंग्स की कमान सौंपी गई। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के पर्यवेक्षण में यह कदम अपराध नियंत्रण को बढ़ावा देगा।
जयपुर, 15 नवंबर 2025: राजस्थान सरकार ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक सशक्त तथा कुशल बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक परिवर्तन किया है। इस दिशा में एक नया पद 'डायरेक्टर जनरल (डीजी) लॉ एंड ऑर्डर' की स्थापना की गई है, जो पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली को नई दिशा प्रदान करेगा। इस नवीन पद पर 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय अग्रवाल को नियुक्त किया गया है, जिन्हें तीन प्रमुख विंग्स की कमान सौंपी गई है। यह कदम राज्य में बढ़ते अपराधों, विशेष रूप से साइबर क्राइम और संगठित अपराधों से निपटने के लिए उठाया गया है, जो पुलिस की क्षमता में वृद्धि का संकेत देता है।
राजस्थान पुलिस के शीर्ष अधिकारी, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने शुक्रवार रात को एक आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसमें इस नए पद की जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार, डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) संजय अग्रवाल डीजीपी के सीधे पर्यवेक्षण और नियंत्रण में कार्य करेंगे। उनका मुख्य कार्य तीन महत्वपूर्ण शाखाओं—साइबर क्राइम, विशेष कार्य बल (स्पेशल टास्क फोर्स) और आर्थिक अपराधों से संबंधित इकाई—के संचालन का मार्गदर्शन, समन्वय तथा निगरानी करना होगा। इस व्यवस्था से पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।
संजय अग्रवाल एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक सफर में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे पूर्व में राजस्थान पुलिस में एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) के प्रमुख के रूप में कार्यरत रहे हैं, जहां उन्होंने आतंकवाद और संगठित अपराधों के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए। उनकी नियुक्ति को पुलिस महकमे में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी और आर्थिक अपराधों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया पद पुलिस को आधुनिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगा, जहां तकनीकी और खुफिया आधारित कार्रवाइयों पर जोर दिया जाएगा।
इस बदलाव का स्वागत करते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा, "राजस्थान पुलिस हमेशा जनता की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। इस नए पद के माध्यम से हम कानून व्यवस्था को और मजबूत करेंगे तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।" यह पहल राज्य सरकार की 'सुरक्षित राजस्थान' अभियान का हिस्सा है, जिसमें पुलिस सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस विंग के तहत नई तकनीकी इकाइयों का गठन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की संभावना है।