प्रसिद्ध "खाटूश्याम मंदिर" में ERT की मॉक ड्रिल से गूंजा मंदिर परिसर....
राजस्थान के खाटू श्यामजी मंदिर में ERT ने मॉक ड्रिल आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डमी आतंकियों को ढेर कर कमांडो ने त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। अफवाहों से भक्त डरे, लेकिन अभ्यास की जानकारी मिलने पर राहत की सांस ली। यह अभ्यास मंदिर की चाक-चौबंद सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए था।
सीकर, राजस्थान: विश्व प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर में शुक्रवार (22 अगस्त 2025) को अचानक हाई अलर्ट की स्थिति बन गई। सुबह-सवेरे हथियारों से लैस इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT) के कमांडो मंदिर परिसर में दाखिल हुए, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग हक्के-बक्के रह गए। कुछ ही पलों में मंदिर में आतंकियों के घुसने और मंदिर समिति के कर्मचारियों को बंधक बनाने की अफवाह फैल गई। हालांकि, यह सब एक सुनियोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा था, जिसका मकसद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को परखना और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों का जायजा लेना था।
मॉक ड्रिल का नजारा: डमी आतंकियों को ढेर कर दिखाई ताकत
ERT को एक काल्पनिक सूचना दी गई थी कि खाटू श्यामजी मंदिर में दो आतंकी छिपे हैं, जिन्होंने मंदिर समिति के कार्यालय में कर्मचारियों को बंधक बना लिया है। इस सूचना के आधार पर ERT कमांडो तुरंत हरकत में आए। मंदिर परिसर को चारों ओर से घेर लिया गया और कमांडो ने मंदिर समिति के कार्यालय में प्रवेश कर दो डमी आतंकियों को ‘ढेर’ कर दिया। इस दौरान डमी आतंकियों के पास से दो राइफलें और कुछ कागजात भी बरामद किए गए। ऑपरेशन के दौरान मंदिर के कपाट बंद रखे गए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मॉक ड्रिल में स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, और मंदिर समिति के सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
मॉक ड्रिल के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों में अफरा-तफरी मच गई। हथियारबंद कमांडो को देखकर कुछ समय के लिए श्रद्धालु दहशत में आ गए। हालांकि, जब मंदिर समिति के प्रबंधक संतोष शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह एक सुरक्षा अभ्यास था, तो भक्तों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
क्यों जरूरी है मॉक ड्रिल?
ERT के एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा बलों को किसी भी वास्तविक आपात स्थिति, जैसे आतंकी हमले या अन्य संकट, के लिए तैयार करना है। खाटू श्यामजी मंदिर में प्रतिदिन हजारों और फाल्गुन मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में, मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मॉक ड्रिल से न केवल सुरक्षा बलों की तत्परता और तालमेल का आकलन होता है, बल्कि कमियों को पहचानकर उन्हें सुधारने का मौका भी मिलता है। इस अभ्यास से प्रतिक्रिया समय (response time) में सुधार और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी मॉक ड्रिल
यह पहला मौका नहीं है जब खाटू श्यामजी मंदिर में इस तरह का सुरक्षा अभ्यास किया गया हो। इससे पहले 3 सितंबर 2024 को भी राजस्थान की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मंदिर में एक मॉक ड्रिल आयोजित की थी। उस दौरान भी दो डमी आतंकियों को ढेर करने और बंधकों को छुड़ाने का अभ्यास किया गया था। इन नियमित अभ्यासों से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पहले से चाक-चौबंद
खाटू श्यामजी मंदिर में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। स्थानीय पुलिस, राजस्थान सशस्त्र बल (RAC), और मंदिर समिति के सुरक्षा गार्ड 24 घंटे तैनात रहते हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद मंदिर की सुरक्षा को और बढ़ाया गया है। बाहरी लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन किया जा रहा है और एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा, हाल के बजट में खाटू में एक नए सदर थाने की स्थापना की घोषणा भी की गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
भक्तों में उत्साह, प्रशासन की तारीफ
मॉक ड्रिल के बाद भक्तों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और ERT की तारीफ की। एक श्रद्धालु ने कहा, “पहले तो डर लग गया था, लेकिन जब पता चला कि यह एक अभ्यास था, तो मन को सुकून मिला। यह जानकर खुशी हुई कि हमारे बाबा श्याम के मंदिर की सुरक्षा के लिए प्रशासन इतना सजग है।” मंदिर समिति के प्रबंधक संतोष शर्मा ने बताया कि इस तरह के अभ्यास समय-समय पर होते रहते हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
खाटू श्यामजी मंदिर: आस्था का केंद्र
खाटू श्यामजी मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित एक प्रमुख तीर्थस्थल है, जो महाभारत काल के योद्धा बर्बरीक को समर्पित है। बर्बरीक, जिन्हें भगवान कृष्ण ने ‘श्याम’ नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था, को ‘हारे का सहारा’ और ‘कलियुग का अवतार’ माना जाता है। हर साल फाल्गुन मेले में 40 लाख से अधिक भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत रहते हैं।
खाटू श्यामजी मंदिर में ERT द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। इस तरह के अभ्यास न केवल सुरक्षा बलों को तैयार करते हैं, बल्कि भक्तों में भी विश्वास जगाते हैं कि उनकी आस्था का केंद्र पूरी तरह सुरक्षित है।