अजमेर में पुष्कर बायपास पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला: 8 बदमाश गिरफ्तार, 7 अवैध आरा मशीनें बुलडोजर से ध्वस्त, फरार आरोपियों की तलाश जारी
अजमेर के पुष्कर बायपास पर भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के प्रदेशाध्यक्ष लूणाराम मेघवाल और उनकी टीम पर अवैध आरा मशीन संचालकों ने लाठियों-सरियों से जानलेवा हमला किया। पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें मुख्य आरोपी हाकिम और उसका बेटा इमरान शामिल हैं। संयुक्त टीम ने 7 अवैध आरा मशीनों को बुलडोजर से ध्वस्त किया। फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
राजस्थान के अजमेर जिले में पुष्कर बायपास पर एक गंभीर घटना ने सुर्खियां बटोरी है, जहां भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के प्रदेशाध्यक्ष लूणाराम मेघवाल और उनकी टीम पर लाठियों-सरियों से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले के मुख्य आरोपी अवैध आरा मशीन संचालकों से जुड़े थे, जिन्होंने पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर कार्यकर्ताओं की शिकायत का बदला लेने के लिए यह वारदात की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 7 अवैध आरा मशीनों को बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।
घटना का विवरण
घटना पुष्कर बायपास पर हुई, जहां लूणाराम मेघवाल और उनकी टीम सदस्य एक ढाबे पर चाय पी रहे थे। अचानक 30-40 लोगों के एक समूह ने उन पर लाठियां और सरिए से हमला बोल दिया। हमले में लूणाराम मेघवाल की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उन्हें अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायतकर्ता जारोड़ा खुर्द निवासी सुरेश चंद विश्नोई ने पुष्कर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें बबाईचा के आरा मशीन संचालक हाकिम और उसके पुत्र इमरान खां समेत 11 नामजद आरोपियों तथा 35 अन्य साथियों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया गया।
हमले का मुख्य कारण बताया जा रहा है कि पर्यावरण समिति के कार्यकर्ता अवैध आरा मशीनों और खेजड़ी के अवैध परिवहन के खिलाफ सक्रिय थे, जिससे प्रभावित होकर आरोपियों ने बदला लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ग्रामीण दीपक शर्मा और डीएसपी रामचंद्र चौधरी के पर्यवेक्षण में विशेष टीमें गठित की गईं। इनमें डीएसटी, साइबर सेल और जिले के 10 थाना प्रभारियों की टीमें शामिल थीं।इन टीमों की सतत कोशिशों से 11 नामजद आरोपियों में से 8 को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:हाकिम (बबाईचा निवासी, मुख्य आरोपी और अवैध आरा मशीन संचालक),इमरान (हाकिम का पुत्र),बाबू मोहम्मद (बबाईचा),माजिद आसाम कुचील,सिराज (बबाईचा),इकराम (बबाईचा),अब्दुल अजीज गौरी (बबाईचा), शेष 3 नामजद आरोपियों सहित अन्य साथियों और उनके इस्तेमाल किए गए वाहनों की तलाश जारी है। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू कर दी है।
अवैध आरा मशीनों पर संयुक्त कार्रवाई
हमले के पीछे अवैध आरा मशीनों का संचालन प्रमुख कारण था। पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर मुख्य आरोपी हाकिम खां की 2 अवैध आरा मशीनें, बबाईचा के पूर्व सरपंच गुलशेर की 3 मशीनें तथा नजीर मोहम्मद की 1 मशीन समेत कुल 7 अवैध आरा मशीनों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
इसके अलावा:वन विभाग ने अवैध आरा मशीन संचालन और खेजड़ी के अवैध परिवहन के मामले में 2 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए।रूपनगढ़ पुलिस ने एक अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।