18-25 साल में लव मैरिज या लिव-इन के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी हो: छगन सिंह राजपुरोहित की मांग...
राजस्थान विधानसभा में आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने शून्यकाल में मुद्दा उठाया कि 18 से 25 वर्ष की उम्र में प्रेम विवाह (खासकर भागकर शादी) और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य की जाए। उनका तर्क है कि इस उम्र में परिपक्वता की कमी से गलत फैसले होते हैं, जिससे परिवार टूटते हैं और लड़कियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। उन्होंने प्राइवेट बिल या कानून बनाने का सुझाव दिया।
जयपुर, 23 फरवरी 2026 — राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में आज एक महत्वपूर्ण मुद्दा गूंजा। आहोर से विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने सदन के शून्यकाल (Zero Hour) में प्रेम विवाह (खासकर भागकर या एलोपमेंट वाली शादियों) और लिव-इन रिलेशनशिप पर गंभीर चिंता जताई।उन्होंने मांग की कि 18 से 25 वर्ष की उम्र के बीच प्रेम विवाह करने वाले युवा-युवतियों के लिए माता-पिता की लिखित सहमति को अनिवार्य बनाया जाए। उनका कहना है कि इस उम्र में परिपक्वता की कमी के कारण कई बार गलत फैसले हो जाते हैं, जिससे परिवार टूटते हैं, लड़कियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है और सामाजिक समस्याएं बढ़ती हैं।
विधायक का मुख्य तर्क
जैसे चुनाव लड़ने के लिए उम्र सीमा (लोकसभा के लिए 25 वर्ष) तय है, वैसे ही जीवनसाथी चुनने जैसे बड़े फैसले में भी अभिभावकों की भूमिका जरूरी होनी चाहिए।