उज्जैन में रंगपंचमी पर धूम: महाकाल मंदिर में CM मोहन यादव का जोरदार शस्त्र प्रदर्शन, जनता संग खेली होली
रंगपंचमी के अवसर पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भक्ति और उत्साह का अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की, ध्वजा पूजन किया और पारंपरिक अखाड़ा शैली में तलवार सहित शस्त्रों का जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जनता के साथ रंग-गुलाल लगाकर होली खेली। मंदिर जयकारों और भक्ति से गूंज उठा, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं
उज्जैन, 9 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रंगपंचमी के पावन अवसर पर उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम दिखाया। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, ध्वजा पूजन किया और पारंपरिक अखाड़ा शैली में तलवार सहित शस्त्रों का प्रदर्शन किया, जिसने पूरे मंदिर परिसर को जयकारों और उत्साह से गूंजा दिया।
रंगपंचमी की परंपरा के अनुसार, महाकाल मंदिर से निकलने वाली प्रसिद्ध 'गेर' (रंगों की सैर) में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री यादव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान महाकाल के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की, केसर जल अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद उन्होंने ध्वजा का पूजन किया और अखाड़ों के पारंपरिक शस्त्रों की विधिवत पूजा-अर्चना की।
इसके बाद CM मोहन यादव ने अपनी पुरानी कला का प्रदर्शन करते हुए तलवार घुमाई और अन्य शस्त्रों के साथ स्टंट्स दिखाए। दोनों हाथों से तलवार संभालकर घूमते हुए उनका यह प्रदर्शन देखकर मौजूद श्रद्धालु और जनता मंत्रमुग्ध हो गई। मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा, जहां लोग "हर हर महादेव" और "जय बाबा महाकाल" के नारे लगा रहे थे। मुख्यमंत्री सफेद वस्त्रों में सजे थे, माथे पर तिलक लगाए, गले में रुद्राक्ष की माला पहने और पूरी तरह भक्त भाव में डूबे नजर आए।प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने जनता के साथ होली खेली।
रंग-गुलाल लगाकर, फूलों की मालाएं पहनाकर और खुशी से झूमते हुए उन्होंने उत्सव में शामिल लोगों के साथ रंगों की होली मनाई। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पूरा माहौल रंगों, जयकारों और भक्ति से भरा हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगपंचमी जैसे पर्व हमें एकता, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। बाबा महाकाल की कृपा से मध्य प्रदेश हमेशा प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।यह कार्यक्रम उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जीवंत करते हुए वायरल हो गया है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो तेजी से शेयर हो रहे हैं, जहां लोग CM के इस योद्धा अवतार और भक्ति भाव की तारीफ कर रहे हैं। रंगपंचमी पर महाकाल नगरी में निकलने वाली गेर और शस्त्र पूजन की यह परंपरा सदियों पुरानी है, और मुख्यमंत्री की भागीदारी ने इसे नया उत्साह प्रदान किया।यह घटना मध्य प्रदेश में सांस्कृतिक धरोहर और राजनीतिक नेतृत्व के बीच मजबूत जुड़ाव का प्रतीक बनी है।