डीग में मां ने तीन मासूम बेटियों के साथ खाया जहर: पति की मौत के एक महीने बाद आर्थिक तंगी से तंग आकर उठाया खौफनाक कदम
राजस्थान के डीग में 28 वर्षीय मधु ने पति की मौत के एक महीने बाद आर्थिक तंगी से परेशान होकर अपनी तीन मासूम बेटियों वर्षा (7), नेहा (4) और पायल (2) के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। सभी की हालत गंभीर है और भरतपुर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रविवार देर रात एक 28 वर्षीय महिला मधु ने अपनी तीन छोटी बेटियों – वर्षा (7 वर्ष), नेहा (4 वर्ष) और पायल (2 वर्ष) के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। यह कदम उन्होंने कथित तौर पर गंभीर आर्थिक तंगी के कारण उठाया। महिला के पति की मौत महज एक महीने पहले ही हो गई थी, जिसके बाद परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोसियों और परिजनों ने चारों को तुरंत डीग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन सभी की हालत बेहद गंभीर देखते हुए उन्हें भरतपुर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में मधु का इलाज भरतपुर के आरबीएम सरकार अस्पताल में चल रहा है, जबकि तीनों मासूम बेटियों को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, चारों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला के इस कदम के पीछे मुख्य कारण आर्थिक संकट बताया जा रहा है। पति की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी, जिससे मधु मानसिक रूप से परेशान चल रही थीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जांच टीम ने कुछ सबूत इकट्ठा किए हैं और परिजनों व पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि जहरीला पदार्थ क्या था और इसे कैसे प्राप्त किया गया।
यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पड़ोसी और स्थानीय लोग सदमे में हैं। कई लोगों ने बताया कि पति की मौत के बाद मधु अकेले ही बच्चों की परवरिश कर रही थीं और आर्थिक मदद की कमी से जूझ रही थीं। ऐसे मामलों में अक्सर मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता की कमी गंभीर परिणाम सामने लाती है।पुलिस ने परिजनों को सलाह दी है कि वे किसी भी मानसिक तनाव की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों का सहारा लें। राजस्थान में ऐसे संकट के लिए कई सरकारी और गैर-सरकारी संगठन मदद उपलब्ध कराते हैं। उम्मीद है कि चारों की जान बच जाए और परिवार को जरूरी सहायता मिले।