मौसी के घर के बाहर खेलते 3 साल के बच्चे को स्कॉर्पियो ने कुचला,सीने के ऊपर से निकला पहिया...

जोधपुर के बावड़ी इलाके में 3 साल का मासूम बच्चा मौसी के घर सड़क किनारे खेलते हुए तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के नीचे कुचल गया। गाड़ी का पिछला पहिया उसके सीने पर से गुजरा, मौके पर मौत। चालक गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी। परिवार में कोहराम, सड़क सुरक्षा पर सवाल।

Nov 17, 2025 - 10:15
Nov 17, 2025 - 10:16
मौसी के घर के बाहर खेलते 3 साल के बच्चे को स्कॉर्पियो ने कुचला,सीने के ऊपर से निकला पहिया...

जोधपुर, 17 नवंबर 2025: राजस्थान के जोधपुर शहर में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जिसने पूरे इलाके को शोक की लहर में डुबो दिया। एक 3 साल का नन्हा मासूम, जो अपनी मौसी के घर सड़क किनारे बेफिक्र होकर खेल रहा था, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी के पहिए तले कुचल गया। दर्दनाक हादसे में गाड़ी का पिछला पहिया उसके नन्हे सीने के ऊपर से गुजर गया, और मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं। यह घटना न सिर्फ एक परिवार का दुख है, बल्कि सड़क सुरक्षा की लापरवाही पर सवाल खड़े करती है।घटना जोधपुर के व्यस्त बस्ती बावड़ी इलाके में दोपहर करीब 2 बजे हुई। मृतक बच्चे का नाम छोटू (काल्पनिक नाम गोपनीयता के लिए) बताया जा रहा है, जो गुजरात के एक छोटे से गांव से अपनी मां के साथ मामा-मौसी के घर घूमने आया हुआ था।

 बच्चे की मां, 28 वर्षीय रीता देवी, ने बताया कि वे कुछ दिनों पहले ही जोधपुर पहुंचे थे। छोटू अपनी मौसी के घर के पास वाली तंग गली में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। "वो इतना खुश था, बार-बार गेंद फेंककर चिल्ला रहा था... अचानक वो भागा और सड़क पर आ गया," मां की आंखों से आंसू बहते हुए उन्होंने कहा।पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक, जो स्थानीय निवासी 35 वर्षीय राजेश मीणा है, अपनी एसयूवी को रेस की स्पीड से चला रहा था। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गाड़ी करीब 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आ रही थी।

 चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी अनियंत्रित हो गई। पिछला पहिया सीधे बच्चे के ऊपरी धड़ पर चढ़ गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इलाके के निवासियों ने चीख-पुकार मचाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे को तुरंत एमडीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत का कारण सीने में गहरी चोट और आंतरिक रक्तस्राव था।परिवार का दर्द बयां नहीं: छोटू उसके माता-पिता का इकलौता संतान था। पिता, 32 वर्षीय दिनेश कुमार, जो गुजरात में मजदूरी करते हैं, को हादसे की खबर मिलते ही सदमा लग गया। वे तुरंत जोधपुर पहुंचे और बेटे का शव देखकर बेहोश हो गए। मौसी, 25 वर्षीय सीमा, ने बताया, "वो कल ही आया था। आज सुबह से घर के बाहर खेल रहा था। हमने कितनी बार कहा था सावधान रहना, लेकिन बच्चे कहां मानते हैं।" परिवार ने चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रीता देवी ने रोते हुए कहा, "मेरा बेटा तो चला गया, लेकिन दोषी को सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई और मां ऐसा दर्द न झेले।"पुलिस कार्रवाई: सदर थाना पुलिस ने चालक राजेश मीणा के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। चालक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह किसी आपात स्थिति में था, लेकिन अल्कोहल टेस्ट में कुछ संदिग्ध पाया गया, जिसकी जांच चल रही है।

एसपी जोधपुर ग्रामीण, डॉ. राजन दुष्ट, ने कहा, "यह बेहद दुखद है। हमने फॉरेंसिक टीम भेजी है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। चालक को सख्त सजा दिलाने के लिए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेंगे।" पुलिस ने इलाके में ट्रैफिक जागरूकता अभियान चलाने का फैसला भी लिया है।यह हादसा जोधपुर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का एक और उदाहरण है। पिछले एक महीने में शहर में 15 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 20 से अधिक बच्चों की जान गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तंग गलियों में तेज गाड़ियां चलाना और पैदल चलने वालों की अनदेखी मुख्य कारण हैं। एनएचएआई ने भी हाईवे पर स्पीड लिमिट स्ट्रिप्स लगाने की योजना बनाई है, लेकिन शहर के अंदरूनी इलाकों में अभी भी कमी बरकरार है।यह घटना न सिर्फ एक बच्चे की मौत है, बल्कि उन हजारों मासूमों की कहानी जो सड़कों पर खेलते हुए खतरे का शिकार हो जाते हैं। क्या हम अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए सड़कों को और सुरक्षित बना पाएंगे? यह सवाल हर माता-पिता के मन में गूंज रहा है।