शहीद नितेश कुमार की वीरगति: गुलमर्ग हादसे में सीने पर चोट से हुई मौत, 4 साल के बेटे शान ने दी मुखाग्नि, तिरंगा रैली में गूंजे देशभक्ति के नारे
खैरथल-तिजारा के मुंडावर थाना क्षेत्र के रामसिंहपुरा गांव के जवान नितेश कुमार का जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में ट्रांजिट कैंप में ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में निधन हो गया। 8 मार्च को चढ़ाई पर गाड़ी चलाते समय पैर फिसलने से सीने में गंभीर चोट आई, जिसके बाद 92 BH मिलिट्री हॉस्पिटल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 2017 में सेना में भर्ती हुए नितेश के 4 साल के बेटे शान ने पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार में मुखाग्नि दी। क्षेत्र में निकाली गई तिरंगा बाइक रैली में 'भारत माता की जय' और 'शहीद नितेश कुमार अमर रहें' के नारे गूंजे, हजारों लोग भावुक होकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित गुलमर्ग में देश की सेवा करते हुए राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर थाना क्षेत्र के रामसिंहपुरा गांव के वीर जवान नितेश कुमार ने दुखद निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके चार साल के मासूम बेटे शान ने पिता को मुखाग्नि दी, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम थी और वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
हादसे का दर्दनाक विवरण
नितेश कुमार श्रीनगर के गुलमर्ग में ट्रांजिट कैंप में तैनात थे। 8 मार्च की शाम लगभग 5 बजे उनकी यूनिट के मेजर ने उनके पिता पूर्व सैनिक अभय सिंह को फोन कर दुखद सूचना दी। मेजर ने बताया कि गुलमर्ग की चढ़ाई पर गाड़ी चल रही थी, तभी नितेश का पैर फिसल गया। इससे उनकी छाती पर गंभीर चोट आई। साथी जवानों ने उन्हें तुरंत श्रीनगर के 92 BH मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह हादसा बेहद दर्दनाक था, जिसमें एक वीर जवान की जान चली गई।
परिवार और सेवा का सफर
नितेश कुमार ने 2017 में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। 2021 में उनकी शादी हुई और उनके घर चार साल का प्यारा बेटा शान आया। नितेश के दो भाई हैं—एक भाई विजय कुमार भी सेना में तैनात हैं, जबकि दूसरे भाई विक्रम कुमार खेती-बाड़ी करते हैं। पिता अभय सिंह स्वयं पूर्व सैनिक हैं, जो पूरे परिवार की सैन्य परंपरा को दर्शाता है।
अंतिम दर्शन और भावुक क्षण
मंगलवार सुबह 11 बजे जब नितेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, बच्चे और जनप्रतिनिधि अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर चेहरे पर गम के आंसू थे, लेकिन साथ ही देशभक्ति की भावना भी झलक रही थी। लोग तिरंगे झंडे लहराते हुए शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे।
तिरंगा रैली और जोशीले नारे
शहीद नितेश कुमार के सम्मान में क्षेत्र के युवाओं ने बाइक रैली निकाली। रैली में सैकड़ों लोग शामिल हुए और 'भारत माता की जय', 'शहीद नितेश कुमार अमर रहें' जैसे जोशीले नारे लगाते हुए पूरा इलाका गूंज उठा। तिरंगे के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी गई। यह दृश्य देखकर हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
विधायक की श्रद्धांजलि
क्षेत्रीय विधायक ललित यादव ने शहीद नितेश कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र को सदैव गौरवान्वित करता रहेगा। विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।