गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सीकर पूर्व सरपंच सरदार राव मर्डर केस में बरी, 3 को उम्रकैद की सजा; चुनावी रंजिश में दुकान में घुसकर गोलियों से भूना था

सीकर के जुराठड़ा पूर्व सरपंच सरदार राव की 2017 में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने 22 जनवरी 2026 को फैसला सुनाया। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि 3 दोषियों (हरदेवा राम, भानु प्रताप, कुलदीप) को उम्रकैद और 6 को 10-10 साल की सजा हुई। हत्या चुनावी रंजिश में सुपारी पर हुई थी, जिसमें आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल ने लॉरेंस से मदद ली थी। एक आरोपी फरार है और कुछ पर जांच जारी है।

Jan 22, 2026 - 17:45
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सीकर पूर्व सरपंच सरदार राव मर्डर केस में बरी, 3 को उम्रकैद की सजा; चुनावी रंजिश में दुकान में घुसकर गोलियों से भूना था

राजस्थान के सीकर जिले में करीब 9 साल पुराने एक चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला आया है। एससी-एसटी कोर्ट ने पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को बरी कर दिया है। वहीं, मामले के तीन मुख्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, जबकि छह अन्य को 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा दी गई है।यह मामला 23 अगस्त 2017 का है, जब सीकर के पलसाना कस्बे में नेकीराम की किराना दुकान पर बैठे पूर्व सरपंच सरदार राव को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया था। हमलावरों ने दुकान में घुसकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें सरदार राव की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में यह हत्या ग्राम पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश से जुड़ी बताई गई थी।

कोर्ट का फैसला और सजा का विवरण

कोर्ट ने मंगलवार (21 जनवरी 2026) को सभी 11 आरोपियों को दोषी करार दिया था, लेकिन बुधवार (22 जनवरी 2026) को सजा सुनाई गई।गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से कोर्ट से जुड़े थे।उम्रकैद की सजा पाने वाले तीन दोषी: हरदेवा राम (सुपारी देने वाला मुख्य साजिशकर्ता), भानु प्रताप, और कुलदीप।10-10 साल की सजा: सुनील, मुकेश, ओम प्रकाश, हरविंदर, अरुण, और नरेंद्र।एक आरोपी सुभाष बराल (उर्फ सुभाष मूंड) को फरार मानते हुए उसके खिलाफ फैसला नहीं सुनाया गया।कुल 10 दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।

हत्या की पृष्ठभूमि और राजनीतिक रंजिश

सरदार राव जुराठड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच 2010 से 2014 तक रहे थे। इस पंचायत में बराल, जुराठड़ा और दूल्हेपुरा गांव शामिल थे। 2015 के पंचायत चुनाव में सरदार राव हार गए और सरकारी टीचर हरदेवा राम का बेटा संदीप सरपंच चुना गया।संदीप ने सरकारी नौकरी लगने पर सरपंच पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद उप-चुनाव प्रस्तावित था। सरदार राव को मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था, जबकि हरदेवा राम को हार का डर था। जांच में सामने आया कि हरदेवा राम ने अजमेर जेल में बंद सुभाष मूंड (बराल) से फोन पर संपर्क कर सरदार राव को मारने की सुपारी दी।सुभाष बराल ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से मदद मांगी, और लॉरेंस के शूटर्स ने हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई, सुभाष बराल, हरदेवा राम, संपत नेहरा आदि शामिल थे।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

कुल 14 लोग गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें से एक शूटर अंकित भादू का पंजाब के मोहाली में एनकाउंटर हो चुका है।संपत नेहरा, जग्गू भगवान पुरिया (गाड़ी और हथियार उपलब्ध कराने वाला), विजयपाल नागवा, रविंद्र सिंह आदि के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 173(8) के तहत जांच अभी पेंडिंग है।यह मामला आनंदपाल सिंह गैंग से भी जुड़ा माना जाता है, क्योंकि सुभाष बराल उस गैंग का सदस्य था।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.