कर्नाटक के चित्रदुर्ग में भयानक सड़क हादसा: स्लीपर बस में आग लगने से 9 से 11 लोगों की मौत, कई घायल
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हिरियूर के पास NH-48 पर बेंगलुरु से गोकरण जा रही सीबर्ड स्लीपर बस की कंटेनर लॉरी से टक्कर के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में कम से कम 9 से 11 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए। बस में 32 लोग सवार थे, अधिकांश सो रहे थे। लॉरी डिवाइडर तोड़कर विपरीत दिशा से टकराई। प्रधानमंत्री मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता घोषित की। जांच जारी है, शवों की DNA से पहचान होगी।
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में 25 दिसंबर 2025 की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही एक प्राइवेट लक्जरी स्लीपर बस (सीबर्ड ट्रांसपोर्ट) की एक कंटेनर लॉरी से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बस में तुरंत भीषण आग लग गई, जिससे बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस हादसे में कम से कम 9 से 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 12 तक बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि अंतिम आंकड़ा जांच के बाद स्पष्ट होगा।हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर हिरियूर तालुक के गोरलाथु क्रॉस के पास जावंगोंडनाहल्ली गांव के निकट रात लगभग 2-3 बजे हुआ। बस में कुल 32 यात्री सवार थे, जिनमें ड्राइवर और क्लीनर भी शामिल थे। अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, इसलिए आग लगने पर कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे जिंदा जल गए।
हादसे का कारण और विवरण पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रही कंटेनर लॉरी ने सड़क के डिवाइडर को तोड़कर विपरीत दिशा में आ रही बस से टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जोरदार थी कि लॉरी बस के डीजल टैंक से टकराई, जिससे धमाका हुआ और आग तेजी से फैल गई।बस ड्राइवर रफीक ने बताया कि उन्होंने सामने से ओवरस्पीड आ रही लॉरी को देखकर बस को कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। ड्राइवर और क्लीनर कूदकर बच निकले।लॉरी ड्राइवर और क्लीनर की भी मौत हो गई। कुछ रिपोर्ट्स में लॉरी ड्राइवर के सोते हुए होने की आशंका जताई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती एक चश्मदीद ने बताया कि वे एक स्कूल बस में बेंगलुरु से दांडेली जा रहे थे। सीबर्ड बस ने उन्हें ओवरटेक किया, तभी लॉरी डिवाइडर तोड़कर बस से टकरा गई।टक्कर के बाद बस में बैठे यात्री चीख-पुकार मचा रहे थे और बचाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन आग इतनी तेज थी कि मदद मुश्किल हो गई।स्कूल बस के ड्राइवर ने सतर्कता दिखाते हुए अपनी बस को सड़क से नीचे उतार लिया, जिससे उसमें सवार 48 बच्चों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। यह ड्राइवर महत्वपूर्ण गवाह है और उसका बयान दर्ज किया जाएगा।
बचाव कार्य और घायल हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने और शवों को निकालने में कई घंटे लगे।21 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्हें हिरियूर, शिरा और चित्रदुर्ग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।कुछ यात्री बस से कूदकर या खिड़कियों से निकलकर बच निकले। पुलिस ने बताया कि ज्यादातर टिकट ऑनलाइन बुक थे, इसलिए यात्रियों के फोन नंबर उपलब्ध हैं। परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।जले हुए शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट कराया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सहायता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कई नेताओं ने शोक जताया और जांच के आदेश दिए।मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि यह हादसा दिल दहला देने वाला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।यह हादसा सड़क सुरक्षा की गंभीर चूक को उजागर करता है, खासकर हाईवे पर ओवरस्पीडिंग और डिवाइडर तोड़ने जैसी लापरवाहियों को। पुलिस ने हिरियूर रूरल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारण NH-48 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।