जोधपुर ग्रामीण की नई SP पीडी नित्या का अनोखा अंदाज़: गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान परंपरा से अलग खड़ी होकर दिया बराबरी का संदेश

जोधपुर ग्रामीण की नई एसपी पीडी नित्या ने थाने के दौरे के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर लेते समय परंपरागत चौकी को पैर से हटाकर जवानों के बराबर खड़े होकर एक अलग संदेश दिया। उनके इस कदम को सादगी, समानता और बदलती प्रशासनिक सोच का प्रतीक माना जा रहा है, जिसने पुलिस महकमे में नई चर्चा छेड़ दी है।

Mar 28, 2026 - 12:27
जोधपुर ग्रामीण की नई SP पीडी नित्या का अनोखा अंदाज़: गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान परंपरा से अलग खड़ी होकर दिया बराबरी का संदेश

जोधपुर ग्रामीण में नई पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में पदभार संभालने के बाद पीडी नित्या ने अपने कामकाज के तरीके से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार से भी एक अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। हाल ही में एक थाने के निरीक्षण के दौरान उनका एक ऐसा अंदाज़ सामने आया, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक चर्चा छेड़ दी।

दरअसल, जब SP पीडी नित्या एक थाने के दौरे पर पहुंचीं, तो परंपरा के अनुसार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर थाना स्टाफ ने पूरी तैयारी कर रखी थी—कारपेट बिछाया गया, एक विशेष चौकी रखी गई ताकि अधिकारी उस पर खड़े होकर सलामी ले सकें। यह एक पुरानी परंपरा है, जो ब्रिटिश काल से लेकर रियासतों के दौर तक चली आ रही है और आज भी कई जगहों पर निभाई जाती है।लेकिन नित्या ने इस परंपरागत व्यवस्था को एक अलग नजरिए से देखा।

गार्ड ऑफ ऑनर शुरू होने से ठीक पहले, उन्होंने उस चौकी को अपने पैर से हल्का सा सरका दिया और खुद साइड में जाकर सीधे जवानों के बराबर खड़ी हो गईं। उनका यह कदम न केवल अप्रत्याशित था, बल्कि एक मजबूत संदेश देने वाला भी था।इस पूरे दृश्य ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को कुछ पल के लिए चौंका जरूर दिया, लेकिन साथ ही एक नई सोच को भी सामने रखा। नित्या का यह व्यवहार मानो यह कह रहा था कि पुलिस व्यवस्था में ऊंच-नीच या दिखावे की बजाय टीमवर्क और बराबरी ज्यादा मायने रखती है।

गार्ड ऑफ ऑनर की परंपरा अपने आप में एक सम्मान का प्रतीक रही है, जिसका इतिहास कई साल पुराना है। इस पर अलग-अलग समय पर बहस भी होती रही है कि क्या आज के दौर में इन औपचारिकताओं की आवश्यकता उतनी ही है जितनी पहले थी। ऐसे में नित्या का यह कदम उसी बहस को एक नया आयाम देता नजर आता है।पुलिस विभाग के भीतर भी इस घटना को लेकर सकारात्मक चर्चा हो रही है। कई लोग इसे एक सादगीपूर्ण और आधुनिक सोच का प्रतीक मान रहे हैं, जहां अधिकारी खुद को टीम से ऊपर नहीं, बल्कि टीम का हिस्सा मानता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.