जोधपुर शहर में पुलिस की नाकाबंदी से आ रहे बेहतर परिणाम: अपराधियों में बढ़ रहा भय, जनता में विश्वास
जोधपुर में पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के नेतृत्व में सघन नाकाबंदी से अपराधियों में भय बढ़ा, एंबुलेंस में डोडा पोस्त तस्करी पकड़ी गई, जनता में विश्वास मजबूत।
जोधपुर, 17 नवंबर 2025: राजस्थान के जोधपुर शहर में पुलिस की सघन नाकाबंदी अभियान ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान से न केवल अपराधियों में पुलिस के प्रति भय बढ़ रहा है, बल्कि अपराध और अपराधियों पर भी प्रभावी लगाम लग रही है। शहरवासियों में पुलिस की मजबूत उपस्थिति से विश्वास का माहौल बन रहा है, जिससे अपराध की घटनाओं में कमी आ रही है।
अभियान की रणनीति और समयबद्धता; पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के कुशल नेतृत्व में नाकाबंदी को एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा बनाया गया है। यह अभियान लगातार और अनवरत रूप से चलाया जा रहा है, जिसमें सुबह और शाम के अलग-अलग समय पर नाकाबंदी की जाती है। इससे अपराधी कभी भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पाते। शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स के अलावा विभिन्न रणनीतिक स्थानों जैसे मुख्य चौराहों, व्यस्त मार्गों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की टीमें तैनात की जा रही हैं। नाकाबंदी के दौरान वाहनों की गहन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जाती है। पुलिस की यह सक्रियता न केवल अंतरराज्यीय अपराधियों को रोकने में मदद कर रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर चोरी, लूट और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर भी अंकुश लगा रही है। कमिश्नर ओमप्रकाश ने टीम को निर्देश दिए हैं कि नाकाबंदी को रूटीन नहीं, बल्कि गतिशील और अप्रत्याशित बनाया जाए, ताकि अपराधी किसी पैटर्न का अनुमान न लगा सकें।
हालिया सफलता: एंबुलेंस में डोडा पोस्ट तस्करी का भंडाफोड़ इस अभियान की प्रभावशीलता का ताजा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला, जब पुलिस ने एक एंबुलेंस में डोडा पोस्ट (एक प्रकार का नशीला पदार्थ) भरकर ले जा रहे तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नाकाबंदी के दौरान ही अंजाम दी गई। संदिग्ध एंबुलेंस को शहर के एक एंट्री प्वाइंट पर रोका गया, जहां प्रारंभिक जांच में कुछ असामान्य लगने पर वाहन की गहन तलाशी ली गई। तलाशी में एंबुलेंस के अंदर छिपाकर रखे गए बड़े पैमाने पर डोडा पोस्ट बरामद हुए, जिनकी बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दो आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। यह मामला नशीले पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़ा बताया जा रहा है, जो पड़ोसी राज्यों से जोधपुर के रास्ते अन्य क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा था। एंबुलेंस का इस्तेमाल करके तस्कर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन नाकाबंदी की सतर्कता ने उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जिसमें तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए छापेमारी और पूछताछ की जा रही है। कमिश्नर ओमप्रकाश ने इस सफलता को टीम वर्क का परिणाम बताया और कहा कि नाकाबंदी जैसे अभियान अपराधियों को लगातार दबाव में रखते हैं।
अपराधियों में भय और जनता में विश्वास; नाकाबंदी के परिणामस्वरूप अपराधियों में पुलिस के प्रति भय स्पष्ट रूप से बढ़ रहा है। पहले जहां अपराधी खुले आम गतिविधियां चलाते थे, अब वे सतर्क हो गए हैं। शहर में चोरी, छिनैती और ड्रग तस्करी की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। पुलिस की निरंतर प्रजेंस से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है। बाजार, आवासीय क्षेत्र और मुख्य सड़कों पर लोग बेझिझक घूम रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि पुलिस हर कोने पर नजर रख रही है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले रात के समय बाहर निकलना जोखिम भरा लगता था, लेकिन अब नाकाबंदी के कारण अपराधी भागते फिरते हैं। एक व्यापारी ने बताया, "पुलिस की यह मुस्तैदी से हमारा विश्वास बढ़ा है। अपराध कम हो रहे हैं और शहर सुरक्षित लग रहा है।"
आगे की योजना; पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने अभियान को और मजबूत बनाने का ऐलान किया है। आने वाले दिनों में ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी इंटीग्रेशन और खुफिया तंत्र को नाकाबंदी से जोड़ा जाएगा। साथ ही, जनता से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।