सरकारी अस्पताल में युवक की मौत पर बवाल: परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, शव उठाने से किया इनकार

राजकीय जवाहिर चिकित्सालय में सीने में दर्द की शिकायत पर लाए गए 43 वर्षीय रोजे खान (पुत्र अनवर खान मेरासी, निवासी गफूर भट्टा क्षेत्र) की इलाज के दौरान मौत हो गई। ECG रिपोर्ट गंभीर आने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टर के पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया और अस्पताल में हंगामा किया। शहर कोतवाल सूरजाराम चौधरी के समझाने पर शव मोर्चरी में रखवाया गया, जबकि परिजन न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। इस घटना से सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ गए हैं।

Apr 6, 2026 - 10:33
सरकारी अस्पताल में युवक की मौत पर बवाल: परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, शव उठाने से किया इनकार

जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर जिले में राजकीय जवाहिर चिकित्सालय (Jawahir Hospital) में इलाज के दौरान एक 43 वर्षीय युवक की मौत हो जाने से हंगामा मच गया। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया और न्याय की मांग को लेकर धरना दे दिया।

घटना का विस्तृत विवरण

रविवार अपराह्न को 43 वर्षीय रोजे खान (पुत्र अनवर खान मेरासी) को सीने में तेज दर्द की शिकायत लेकर राजकीय जवाहिर चिकित्सालय लाया गया। मृतक जोधा गांव का मूल निवासी था और वर्तमान में शहर के गफूर भट्टा क्षेत्र में रहता था।

अस्पताल में पहुंचने पर युवक की स्थिति गंभीर बताई गई। डॉक्टरों ने उसका ECG करवाया, जिसमें रिपोर्ट गंभीर आने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टर को तुरंत सूचना दी गई। लेकिन आरोप है कि विशेषज्ञ डॉक्टर के पहुंचने से पहले ही रोजे खान ने दम तोड़ दिया। परिवार का कहना है कि डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचे और आवश्यक उपचार में देरी हुई, जिससे युवक की जान चली गई।मृतक के परिजनों ने तुरंत अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने शव को उठाने से इनकार कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान कई लोग भी उनके साथ जुड़ गए।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

जानकारी मिलते ही शहर कोतवाल सूरजाराम चौधरी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी जुटाई और मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी समजाइस के बाद परिजन मान गए और पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया।परिजनों ने युवक की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अस्पताल परिसर में धरना दे दिया।

परिवार की स्थिति

रोजे खान एक सामान्य परिवार से थे। उनके आकस्मिक निधन से पूरे परिवार पर गहरा सदमा लगा है। परिवार का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं और समय पर चिकित्सकीय ध्यान न मिलने के कारण यह घटना हुई।

यह घटना जैसलमेर के राजकीय जवाहिर चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठा रही है। स्थानीय स्तर पर इस मामले की चर्चा जोरों पर है और लोग अस्पताल में बेहतर सुविधाएं तथा डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग क र रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.