पति ने बकरियां चराकर घर लौटते ही सो रही पत्नी पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दी हत्या
अलवर जिले के खेड़ली पिचनौत गांव में 52 वर्षीय कालूराम मीणा ने बकरियां चराकर घर लौटते ही अपनी 48 वर्षीय पत्नी पुनी देवी को चारपाई पर सोते हुए कुल्हाड़ी से गर्दन और हाथों पर ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने 15 साल पहले अपने 5 वर्षीय बेटे की भी इसी तरह हत्या कर दी थी।
अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव खेड़ली पिचनौत में रविवार शाम को एक बेहद क्रूर और चौंकाने वाली हत्या का मामला सामने आया है। 52 वर्षीय कालूराम मीणा ने अपनी 48 वर्षीय पत्नी पुनी देवी को चारपाई पर गहरी नींद में सोते हुए कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया।
घटना रविवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। कालूराम मीणा बकरियां चराकर घर लौटा। घर पहुंचते ही उसने बिना किसी बातचीत, कहासुनी या उकसावे के पास रखी कुल्हाड़ी उठाई और सो रही पत्नी पर हमला बोल दिया। उसने पुनी देवी की गर्दन और हाथों पर कई जोरदार वार किए। गर्दन पर लगे गहरे घावों के कारण पुनी देवी की मौके पर ही मौत हो गई। हाथ-पैरों पर भी गंभीर चोटें आईं।
कालूराम मीणा ने यह वार इतने क्रूरता से किए कि मृतका की पहचान आसानी से हो सके, लेकिन मौत तत्काल हो गई। घटना के बाद पड़ोसियों ने सूचना दी, जिस पर मालाखेड़ा थाना प्रभारी हरदयाल सिंह यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका पुनी देवी के भाई धनपाल मीणा (निवासी दुब्बी) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कालूराम मीणा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया गया है।
चौंकाने वाला खुलासा: 15 साल पहले भी की थी बेटे की हत्या
थाना प्रभारी हरदयाल सिंह यादव ने बताया कि पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, कालूराम मीणा ने करीब 15 साल पहले अपने ही 5 वर्षीय बच्चे की भी इसी तरह कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। उस समय परिवार वालों ने पुलिस में शिकायत नहीं की थी, इसलिए मामला दर्ज नहीं हुआ था। यह पुरानी घटना इस बार की क्रूरता को और ज्यादा भयावह बनाती है।
परिवार की स्थिति
आरोपी कालूराम मीणा के घर में कुल तीन सदस्य रहते थे — पति-पत्नी और उनका 25 वर्षीय अविवाहित बेटा। घटना के समय बेटा घर पर नहीं था। परिवार गरीब किसान वर्ग से संबंधित है और मुख्य रूप से बकरी पालन करता था।
पुलिस अब पूछताछ में जुट गई है कि कालूराम ने अचानक इस कृत्य को अंजाम क्यों दिया। अभी तक किसी पुरानी रंजिश, झगड़े या मानसिक स्थिति का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी किसी मानसिक समस्या से पीड़ित था या कोई अन्य छिपा हुआ कारण था।