भीलवाड़ा में ‘विधायक प्रतिनिधि’ बनकर वसूली करने वाली गैंग का भंडाफोड़: BJP कार्यकर्ता समेत 4 गिरफ्तार, ट्रेनी IPS पर भी जांच

भीलवाड़ा में खनन कारोबारियों से वसूली करने वाली गैंग का पर्दाफाश, BJP कार्यकर्ता समेत 4 गिरफ्तार। ट्रेनी IPS की भूमिका भी जांच के घेरे में।

Apr 5, 2026 - 18:14
भीलवाड़ा में ‘विधायक प्रतिनिधि’ बनकर वसूली करने वाली गैंग का भंडाफोड़: BJP कार्यकर्ता समेत 4 गिरफ्तार, ट्रेनी IPS पर भी जांच

राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस ने खनन कारोबारियों से वसूली करने वाली एक गैंग का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग पर हर महीने कारोबारियों से हजारों रुपये की वसूली करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, गैंग का सरगना अजय पांचाल खुद को प्रभावशाली लोगों का करीबी बताकर व्यापारियों को धमकाता था। पूछताछ में उसने खुद को जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा का प्रतिनिधि भी बताया।

हालांकि, विधायक गोपीचंद मीणा ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अजय पांचाल केवल पार्टी कार्यकर्ता है और यदि उसने गलत काम किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

 हर महीने 30 हजार की वसूली

जानकारी के मुताबिक, यह गैंग 15 से ज्यादा खनन कारोबारियों से हर महीने करीब 30 हजार रुपये वसूल रही थी। पिछले कुछ दिनों में गैंग की गतिविधियां और तेज हो गई थीं।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां

एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें अजय पांचाल के अलावा नंद सिंह उर्फ पिंटू सिंह, नारायण गुर्जर और कालू गुर्जर शामिल हैं।

विधायक जैसी गाड़ी बनाकर करता था वसूली

जांच में सामने आया कि अजय पांचाल ने अपनी काली स्कॉर्पियो पर विधायक की गाड़ी जैसा नंबर (7521) लगवा रखा था और गाड़ी पर ‘विधायक प्रतिनिधि’ लिखवा रखा था। इसी गाड़ी में घूमकर वह लोगों को धमकाता और वसूली करता था।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, संगठित अपराध, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और अवैध खनन जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिंटू सिंह और कालू गुर्जर पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

ट्रेनी IPS की भूमिका भी जांच में

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब माधव उपाध्याय (प्रोबेशनर IPS) की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी में कुछ संदिग्ध तथ्य सामने आए हैं।

माधव उपाध्याय ने सफाई देते हुए कहा कि अजय पांचाल पहले उनका इनफॉर्मर था और वह अवैध खनन से जुड़ी सूचनाएं देता था, जिसके आधार पर कई जगह कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि उसे लेकर उनकी जानकारी केवल सूचना देने तक ही सीमित थी।

Kashish Sain Bringing truth from the ground