2 बेटे जेल में, अब पिता भी ड्रग्स बेचते पकड़ा गया: खेत की झोपड़ी से 50 लाख की स्मैक-MD बरामद, परिवार चला रहा था नशे का नेटवर्क
जैसलमेर के सांगड़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 50 लाख की स्मैक, एमडी और डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के दोनों बेटे पहले से ही ड्रग्स तस्करी के मामलों में जेल में बंद हैं, जिससे पूरे परिवार के नशा कारोबार में शामिल होने का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस नेटवर्क के बड़े कनेक्शन की जांच कर रही है।
राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पहले से जेल में बंद दो बेटों के बाद अब पिता भी ड्रग्स तस्करी करते हुए गिरफ्तार हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और यह संकेत दिया है कि नशे का कारोबार किस तरह परिवार तक जकड़ चुका है।
खेत में मजदूरी की आड़, अंदर चल रहा था नशे का धंधा
मामला जैसलमेर के सांगड़ थाना क्षेत्र के कोडा गांव का है। पुलिस ने सदराम बिश्नोई (42), निवासी बाड़मेर, को एक खेत में बनी झोपड़ी से गिरफ्तार किया। वह पिछले 2-3 साल से खेत में मजदूरी कर रहा था, लेकिन इसी की आड़ में वह बाड़मेर से नशीले पदार्थ लाकर यहां सप्लाई कर रहा था।सदराम झोपड़ी में बैठकर स्मैक और MD की पुड़ियां बनाता और फिर उन्हें स्थानीय स्तर पर सप्लाई करता था।
झोपड़ी से करोड़ों की ड्रग्स का खुलासा
पुलिस की तलाशी में आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में नशा बरामद हुआ: 310 ग्राम स्मैक, 140 ग्राम MD (एमडीएमए), 3.260 किलोग्राम डोडा पोस्त, 2,70,800 रुपए नकद, इनकी कुल कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों तक पहुंच सकती है।
पहले ही जेल में हैं दोनों बेटे
इस केस का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी के दोनों बेटे पहले से ही ड्रग्स तस्करी के मामलों में जेल में बंद हैं: बड़ा बेटा सुरेश बिश्नोई को 9 जून 2025 को 92 ग्राम MD के साथ पकड़ा गया था, छोटा बेटा कमलेश बिश्नोई को 1 अक्टूबर 2025 को बाड़मेर में चल रही MD फैक्ट्री मामले में गिरफ्तार किया गया था, अब पिता की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि पूरा परिवार ही नशे के कारोबार में शामिल था।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नेटवर्क की जांच जारी
जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर खेत की घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। इस ऑपरेशन में DST टीम और स्थानीय पुलिस की अहम भूमिका रही।एसपी के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी सीजर कार्रवाई में से एक है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह ड्रग्स कहां से लाई गई और किन-किन लोगों तक सप्लाई की जा रही थी।
बड़े सिंडिकेट से जुड़े होने की आशंका
सीमावर्ती इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक और MD मिलने के बाद पुलिस को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय या इंटर-स्टेट ड्रग्स नेटवर्क हो सकता है।