जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: परिसर खाली, सुनवाई स्थगित, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट को शुक्रवार सुबह बम से उड़ाने की ईमेल धमकी मिली। परिसर तुरंत खाली कराया गया, सभी सुनवाई स्थगित कर दी गईं। बम डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड और एटीएस की टीमें तलाशी ले रही हैं। एक दिन पहले अजमेर शरीफ दरगाह को भी ऐसी ही धमकी मिली थी।

Dec 5, 2025 - 11:40
जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: परिसर खाली, सुनवाई स्थगित, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

जयपुर, 5 दिसंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया, जब राजस्थान हाईकोर्ट के जयपुर बेंच को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी हाईकोर्ट प्रशासन की आधिकारिक ईमेल आईडी पर प्राप्त हुई, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से पूरे परिसर को खाली करा लिया गया। सभी मुकदमों की सुनवाई स्थगित कर दी गई और सुरक्षा एजेंसियां पूरे जोर-शोर से जांच में जुट गईं। यह घटना लगातार बढ़ रही बम धमकियों की श्रृंखला का हिस्सा लग रही है, जहां गुरुवार को अजमेर शरीफ दरगाह और कलेक्ट्रेट को भी इसी तरह की धमकी मिल चुकी थी।

धमकी की जानकारी और तत्काल कार्रवाई सुबह करीब 10 बजे के आसपास हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (सीपीसी) की ईमेल आईडी पर एक अज्ञात व्यक्ति से धमकी भरा मेल आया। मेल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि परिसर में बम प्लांट कर दिया गया है और यह किसी भी समय फट सकता है। सूचना मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत सभी कोर्ट कक्षों को बंद करा दिया। मुख्य न्यायाधीश सहित सभी जज, वकील, न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी और परिसर में मौजूद जनता को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस अधीक्षक (जयपुर साउथ) राजर्षि राज ने बताया, "धमकी की गंभीरता को देखते हुए परिसर के सभी प्रवेश द्वार सील कर दिए गए हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), डॉग स्क्वॉड, एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली जा रही है।" अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) राजीव पचार ने भी पुष्टि की कि ईमेल की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है, ताकि भेजने वाले का आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रेस किया जा सके।प्रारंभिक जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर की स्कैनिंग जारी है। हाईकोर्ट के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जहां वकीलों और पक्षकारों में चिंता का माहौल है। एक वकील ने कहा, "यह लगातार हो रही धमकियां हैं। पहले भी कई बार ऐसा हुआ, लेकिन अब यह चिंताजनक हो गया है।"

पिछली धमकियों से जुड़ाव: अजमेर घटना का कनेक्शन यह धमकी अकेली नहीं है। गुरुवार (4 दिसंबर) को अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और जिला कलेक्ट्रेट को भी बम से उड़ाने की धमकी ईमेल से मिली थी। अजमेर पुलिस ने तुरंत परिसर खाली कराए थे और तलाशी अभियान चलाया गया था, जिसमें कुछ नहीं मिला। दोनों मामलों में धमकी ईमेल के माध्यम से ही दी गई, जिससे संदेह है कि यह एक ही स्रोत से हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में जयपुर और राजस्थान में बम धमकियों का सिलसिला जारी है। 31 अक्टूबर को भी राजस्थान हाईकोर्ट को ही इसी तरह की धमकी मिली थी, जिसमें तमिलनाडु सरकार और नाबालिगों से रेप के मामलों पर नाराजगी जाहिर की गई थी। मेल में लिखा था, "हाईकोर्ट को उड़ाने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है। जल्दी बिल्डिंग खाली करवाओ।" उस समय भी परिसर खाली कर तलाशी ली गई थी। इसके अलावा, 3 दिसंबर को जयपुर कलेक्ट्रेट को धमकी मिली, जहां बनीपार्क थाना पुलिस और एटीएस ने तलाशी ली। पहले भी सेशन कोर्ट, निजी अस्पताल, स्कूल (जैसे भांकरोटा का माय ओवन स्कूल और मानसरोवर का स्प्रिंगफील्ड), सवाई मानसिंह स्टेडियम और मेट्रो स्टेशनों को ऐसी धमकियां प्राप्त हो चुकी हैं। जयपुर के दो मेडिकल कॉलेजों को भी RDX ब्लास्ट की धमकी मिली थी, जिसमें "हमें हिंदी नहीं चाहिए" जैसे संदेश थे। इन सभी मामलों में जांच के बाद धमकियां फर्जी साबित हुईं, लेकिन अब तक कोई आरोपी पकड़ा नहीं गया है।

जांच और सुरक्षा उपाय पुलिस ने साइबर क्राइम सेल को निर्देश दिए हैं कि ईमेल का ट्रेसिंग तुरंत पूरा करें। एटीएस को भी शामिल किया गया है, क्योंकि यह धमकियां आतंकी गतिविधियों से जुड़ी हो सकती हैं। जयपुर पुलिस आयुक्त ने कहा, "हम सभी संभावित एंगल्स से जांच कर रहे हैं। अगर यह फर्जी निकली, तो भी भेजने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।" सुरक्षा के मद्देनजर हाईकोर्ट परिसर के आसपास ड्रोन सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की जांच तेज कर दी गई है। वकील बार एसोसिएशन ने भी बयान जारी कर कहा कि ऐसी धमकियां न्याय व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश हैं और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.