जयपुर में अपहरण-लूट गैंग का पर्दाफाश: बस स्टैंड पर लिफ्ट के बहाने अपहरण कर लूटते थे बदमाश
जयपुर के जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने बस स्टैंड पर लिफ्ट देने के बहाने यात्रियों का अपहरण कर लूट करने वाले शातिर गैंग का पर्दाफाश किया। मात्र 24 घंटे में दो आरोपियों मनोज और घनश्याम को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरा आरोपी फरार है। पुलिस ने देसी कट्टा और डिजायर कार बरामद की। आरोपियों ने आधा दर्जन से अधिक वारदातें कबूल की हैं।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक शातिर अपहरण और लूट करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गैंग के दो मुख्य आरोपियों को मात्र 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा और एक डिजायर कार भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मनोज और घनश्याम हैं, जबकि गैंग का एक अन्य सदस्य सुनील बैरवा अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
वारदात का तरीका: लिफ्ट का बहाना बनाकर अपहरण पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बस स्टैंडों पर घूमता था और यात्रियों को लिफ्ट देने का लालच देकर अपनी टैक्सी में बैठाता था। गाड़ी में पहले से ही गैंग के अन्य सदस्य मौजूद होते थे, जो सामान्य यात्री बनकर बैठे रहते थे ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही गाड़ी सुनसान इलाके में पहुंचती, बदमाश देसी कट्टा दिखाकर पीड़ित का अपहरण कर लेते। फिर मारपीट करके मोबाइल, पर्स और नकदी लूटते। एटीएम कार्ड मिलने पर पिन नंबर पूछकर पैसे भी निकाल लेते। लूट के बाद पीड़ित को किसी अन्य जगह पर छोड़कर फरार हो जाते।डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने बताया कि आरोपियों ने इस तरीके से आधा दर्जन से ज्यादा वारदातें की हैं। इनमें सांगानेर, प्रताप नगर और गोनेर मोड़ जैसे इलाकों में भी अपहरण कर लूट की घटनाएं शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने इन वारदातों को कबूल कर लिया है।
मुख्य वारदात: 20 दिसंबर की घटना से खुला राज यह पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित अहसान ने 20 दिसंबर को जवाहर सर्किल थाने में शिकायत दर्ज कराई। अहसान ने बताया कि वह दुर्गापुरा बस स्टैंड पर टोंक जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। तभी एक टैक्सी ड्राइवर ने कोटा जाने का बहाना बनाकर उसे गाड़ी में बैठा लिया। गाड़ी में पहले से दो अन्य युवक मौजूद थे, जो ड्राइवर के साथी निकले।रिंग रोड के पास सुनसान जगह पर ले जाकर बदमाशों ने देसी कट्टा दिखाया और अपहरण कर लिया। मारपीट करके अहसान का मोबाइल और पर्स लूट लिया। एटीएम का पिन पूछकर 70 हजार रुपये भी निकाल लिए। अंत में शिवदासपुरा हाईवे पर उसे छोड़कर बदमाश फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 150-200 CCTV फुटेज खंगाले शिकायत मिलते ही जवाहर सर्किल पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी सहायता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने करीब 150 से 200 कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इससे आरोपियों की लोकेशन और वाहन की पहचान हुई। मनोज और घनश्याम को डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तारी के दौरान बदमाश भागने की कोशिश में नाले की बाउंड्री वॉल कूद गए, जिससे उनके पैरों में चोटें आईं। दोनों को इलाज के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गैंग नई वारदात की फिराक में था पुलिस का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो यह गिरोह और वारदातें करने वाला था। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में बस स्टैंडों और हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ी है। फरार आरोपी सुनील बैरवा की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं।यह घटना जयपुर में बढ़ते अपराधों पर सवाल उठाती है, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई से लोगों में राहत की लहर है। यात्रियों से अपील की गई है कि अंजान वाहनों में लिफ्ट लेने से बचें और संदिग्ध गतिविधि देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दें। मामले की आगे की जांच जारी है।