जयपुर में कोचिंग छात्रा की आत्महत्या: एक महीने पहले ही बहन के साथ हॉस्टल में आई थी निशा मीणा, फंदे से लटका मिला शव
जयपुर के गोपालपुरा स्थित पीजी हॉस्टल में करौली की 20 वर्षीय कोचिंग छात्रा निशा मीणा ने रविवार दोपहर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह एक महीने पहले अपनी बहन के साथ हॉस्टल में रहने आई थी और दोनों बहनें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस कारणों की जांच कर रही है।
जयपुर। राजधानी जयपुर के गोपालपुरा इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोचिंग करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा निशा मीणा ने रविवार दोपहर अपने पीजी हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। निशा करौली जिले के टोडाभीम की रहने वाली थी और करीब एक महीने पहले ही अपनी बहन के साथ जयपुर आकर गोपालपुरा की बंसत विहार कॉलोनी में पीजी हॉस्टल में रहने लगी थी। दोनों बहनें यहां रहकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थीं।
पुलिस के अनुसार, घटना रविवार दोपहर की है। निशा की बहन किसी काम से पीजी से बाहर गई थी। इसी दौरान निशा ने कमरे में अकेले रहते हुए फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोपहर करीब 1:30 बजे जब बहन वापस लौटी तो कमरे का गेट अंदर से लॉक मिला। काफी आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो बहन ने हॉस्टल संचालक को सूचना दी।हॉस्टल संचालक ने तुरंत बजाज नगर थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए – निशा फंदे से लटकी हुई थी। पुलिस ने तुरंत शव को फंदे से नीचे उतारा और मौका-मुआयना किया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एसएमएस हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में भिजवाया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
निशा का परिवार और पृष्ठभूमि निशा मीणा के पिता हरियाणा में रेलवे स्टेशन मास्टर की पोस्ट पर तैनात हैं। पहले निशा जयपुर के जगतपुरा इलाके में अपने चाचा के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। लेकिन करीब एक महीने पहले वह अपनी बहन के साथ गोपालपुरा के बंसत विहार में पीजी हॉस्टल में शिफ्ट हो गई थी। दोनों बहनें यहां रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थीं। परिवार में निशा की आत्महत्या से मातम पसरा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और अभी तक इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
सुसाइड नोट नहीं मिला, कारणों की जांच जारी पुलिस ने घटनास्थल से किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं किया है। बजाज नगर थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। संभावना जताई जा रही है कि पढ़ाई का दबाव, घर से दूर रहने की मजबूरी या कोई व्यक्तिगत परेशानी इसका कारण हो सकती है। पुलिस परिजनों और हॉस्टल में रहने वाले अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही निशा के मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है ताकि कोई सुराग मिल सके।
कोचिंग छात्रों में बढ़ते तनाव की चिंता यह घटना एक बार फिर कोचिंग छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाती है। जयपुर सहित राजस्थान के कोचिंग हब्स में पढ़ाई के भारी दबाव के कारण छात्रों में तनाव और डिप्रेशन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घर से दूर रहना, लगातार पढ़ाई का प्रेशर और परीक्षा में सफलता की उम्मीदें छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर कर रही हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में काउंसलिंग सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।