जयपुर में भीषण ऑडी कार हादसा: तेज रफ्तार और नशे ने मचाया कहर, एक की मौत, 16 घायल – अस्पताल में VIP विजिट के दौरान विवादास्पद घटनाएं

9 जनवरी 2026 की रात जयपुर के पत्रकार कॉलोनी इलाके में खराबास सर्किल के पास एक तेज रफ्तार लग्जरी ऑडी कार (दमन-दीव नंबर) ने रेसिंग करते हुए डिवाइडर तोड़ा और सड़क किनारे फूड स्टॉल्स-ठेलों में घुसकर 16 लोगों को रौंद दिया। हादसे में एक व्यक्ति (भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा) की मौत हो गई, जबकि कई की हालत गंभीर है (सिर में बड़ा छेद, रीढ़ टूटी, फ्रैक्चर आदि)। कार में 4 लोग सवार थे, नशे की आशंका; एक को पकड़ा गया, बाकी फरार। पुलिस ने कार जब्त की। रात में डिप्टी सीएम, स्वास्थ्य मंत्री आदि VIP घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे, तब जयपुरिया अस्पताल में मरीजों के परिजनों को बाहर निकाला गया और वार्ड में पोछा लगवाया गया। चश्मदीद पवन सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने पहले आरोपियों को प्राथमिकता दी, शव नहीं उठाया और लाठीचार्ज किया। मामला नशे व ओवर स्पीडिंग का प्रमुख कारण बता रहा है।

Jan 10, 2026 - 17:13
जयपुर में भीषण ऑडी कार हादसा: तेज रफ्तार और नशे ने मचाया कहर, एक की मौत, 16 घायल – अस्पताल में VIP विजिट के दौरान विवादास्पद घटनाएं

9 जनवरी 2026 की रात करीब 9:30 बजे राजस्थान की राजधानी जयपुर के पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र में खराबास (खरबास) सर्किल के पास एक तेज रफ्तार लग्जरी ऑडी कार ने भयानक हादसा कर दिया। दमन और दीव रजिस्ट्रेशन वाली यह ऑडी कार कथित तौर पर रेसिंग कर रही थी और चालक नशे की हालत में था। कार पहले रोड डिवाइडर से टकराई, फिर बेकाबू होकर सड़क किनारे लगे फूड स्टॉल्स और ठेलों में घुस गई। करीब 30-100 मीटर तक तबाही मचाने के बाद यह एक पेड़ से टकराकर रुकी।

हादसे की भयावहता

16 लोग चपेट में आए, जिनमें से एक की मौत हो गई (भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा, फूड स्टॉल हेल्पर)।कई घायलों की हालत गंभीर – किसी के सिर में बड़ा छेद, किसी की रीढ़ की हड्डी टूटी, पसलियां चकनाचूर, टांगों में फ्रैक्चर।10 से ज्यादा ठेले-थड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त, आसपास खड़ी गाड़ियां पलट गईं।सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कार कितनी तेज (लगभग 120 किमी/घंटा) दौड़ रही थी और लोगों को मौका ही नहीं मिला बचने का।घायलों को तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से जयपुरिया अस्पताल और एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। चार गंभीर मरीजों को एसएमएस रेफर किया गया, जबकि कुछ को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी मिली।

कार में सवार और आरोपियों की स्थिति

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार कार में 4 लोग सवार थे (कुछ रिपोर्ट्स में 3 बताए गए)। आरोपियों में एक जयपुर पुलिस का सिपाही भी शामिल बताया जा रहा है।मुख्य चालक: दिनेश रणवा (चूरू निवासी, सोलर बिजनेसमैन), जिसने तीन महीने पहले यह ऑडी खरीदी थी।एक आरोपी (पप्पू) को भीड़ ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।बाकी तीन (ड्राइवर समेत) मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में टीमें लगी हुई हैं।पूछताछ में पता चला कि कार दूसरी गाड़ी के साथ रेसिंग कर रही थी, और सवार नशे में थे। एक आरोपी ने बताया कि ड्राइवर से बार-बार धीरे चलाने को कहा, लेकिन उसने नहीं माना।पुलिस ने कार जब्त कर ली है, मोबाइल फोन बरामद किए हैं, और जांच जारी है।

VIP विजिट और अस्पताल में उठे विवाद

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर रात 12 बजे के आसपास घायलों से मिलने के लिए बड़े नेताओं का जत्था अस्पताल पहुंचा:डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा,चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खर्रा (या खींवसर),गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म,विधायक गोपाल शर्मा,जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल,इनके आने से पहले अस्पताल प्रशासन ने वार्ड से मरीजों के परिजनों को बाहर निकाल दिया। आरोप है कि रात 12 बजे के आसपास वार्ड में पोछा लगवाया गया – जिसे लोग VIP मूवमेंट की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।

चश्मदीद पवन सिंह के गंभीर आरोप

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी पवन सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं:उन्होंने मौके पर 3 लोगों को पकड़ा था (कार में कुल 4 सवार बताए)।सबसे पहले 112 पुलिस वाहन पहुंचा, लेकिन पुलिस ने घायलों या शव को नहीं, बल्कि पकड़े गए आरोपियों को प्राथमिकता दी और उन्हें अपनी गाड़ी में लेकर चली गई।पुलिस ने पकड़े गए लोगों को छुड़वाया और उन पर लाठीचार्ज किया।पवन सिंह का कहना है कि आरोपियों पर हाथ उठाया गया, जबकि उन्हें शव पहले ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी।आरोपियों को "बड़ी फर्म के लोग" बताया, जो ऐसी महंगी कार में घूम रहे थे।ये आरोप पुलिस की प्राथमिकता और व्यवहार पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि जांच में नशा और रेसिंग मुख्य कारण सामने आ रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.