जयपुर एम्बुलेंस हादसा: हार्ट पेशेंट समेत दो की मौत, परिवार का गंभीर आरोप - "कोई मदद नहीं मिली, समय पर ऑक्सीजन मिलती तो जान बच सकती थी"

27 जनवरी 2026 की शाम जयपुर के अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर हार्ट पेशेंट सिराजुद्दीन को लेकर जा रही एम्बुलेंस तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में मरीज सिराजुद्दीन (57) और उनके भाई अब्दुल फिरोज (52) की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस में पर्याप्त मेडिकल सपोर्ट नहीं था, हादसे के बाद कोई मदद नहीं मिली, समय पर ऑक्सीजन मिलती तो जान बच सकती थी। बराला हॉस्पिटल पर भी लापरवाही का आरोप, चिरंजीवी योजना लिमिट खत्म होने का हवाला देकर शिफ्टिंग के लिए पैसे लिए गए। ड्राइवर पर शराब पीने की आशंका। दोनों मृतक परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। पुलिस जांच जारी।

Jan 28, 2026 - 16:28
जयपुर एम्बुलेंस हादसा: हार्ट पेशेंट समेत दो की मौत, परिवार का गंभीर आरोप - "कोई मदद नहीं मिली, समय पर ऑक्सीजन मिलती तो जान बच सकती थी"

जयपुर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है, जिसमें हार्ट के गंभीर मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में मरीज समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद परिजनों ने अस्पताल, एम्बुलेंस स्टाफ और ड्राइवर पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।

हादसे का पूरा मामला

झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के गुढ़ागौड़जी निवासी 57 वर्षीय कार्डियक पेशेंट सिराजुद्दीन को हार्ट की गंभीर समस्या के कारण चौमूं स्थित बराला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें जयपुर के मानसरोवर स्थित एक निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी। 27 जनवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे एम्बुलेंस मरीज को लेकर रवाना हुई।एम्बुलेंस में सिराजुद्दीन के साथ उनके चार भाई, ड्राइवर और नर्सिंग स्टाफ सवार थे। परिवार के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी से एम्बुलेंस के पीछे-पीछे चल रहे थे। दोनों गाड़ियां अस्पताल से एक साथ निकली थीं, लेकिन ट्रैफिक जाम और अन्य कारणों से अलग हो गईं।

अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर एम्बुलेंस तेज रफ्तार में चल रही थी। अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और पलट गया। हादसे में मरीज सिराजुद्दीन का ऑक्सीजन मास्क हट गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर के पास आगे बैठे उनके भाई अब्दुल फिरोज (52) सड़क की ओर लटक गए, सिर में गंभीर चोट लगी और उनकी भी मौत हो गई।

घायलों की स्थिति और परिजनों का बयान

घायलों में सिराजुद्दीन और अब्दुल फिरोज का छोटा भाई आमीन चौहान (42) भी शामिल है। आमीन ने मीडिया को बताया, "एम्बुलेंस बहुत तेज चल रही थी। अचानक पलट गई। हादसे के बाद किसी ने हमारी मदद नहीं की। अगर समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट मिलता और मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद सिराजुद्दीन की जान बच सकती थी।"परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद मौके पर कोई मेडिकल सहायता नहीं पहुंची। एम्बुलेंस में मौजूद स्टाफ ने भी पर्याप्त मदद नहीं की।

अस्पताल और ड्राइवर पर आरोप

आमीन ने बराला हॉस्पिटल पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "चिरंजीवी योजना की लिमिट खत्म होने का हवाला देकर अस्पताल ने मरीज को शिफ्ट करने को कहा। डॉक्टर टीम भेजने की बात कहकर 3500 रुपये भी लिए गए, लेकिन एम्बुलेंस में पर्याप्त मेडिकल सपोर्ट नहीं था।"परिजनों ने आशंका जताई कि ड्राइवर ने शराब पी रखी हो सकती है, जिस कारण तेज रफ्तार में एम्बुलेंस चलाने से हादसा हुआ।

परिवार की आर्थिक स्थिति

दोनों मृतक परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। चचेरे भाई मोहम्मद असलम ने बताया कि सिराजुद्दीन के परिवार में पांच बेटियां और एक छोटा बेटा है। अब्दुल फिरोज कसाइयों को बकरे सप्लाई करने का काम करते थे और उनके भी पांच बेटियां तथा दो बेटे हैं।

पुलिस का बयान

एक्सीडेंट थाना वेस्ट के जांच अधिकारी रघुनंदन शर्मा ने बताया कि एम्बुलेंस में कुल सात लोग सवार थे। तेज रफ्तार के कारण वाहन पलट गया। हादसे में सिराजुद्दीन और अब्दुल फिरोज की मौत हुई। ड्राइवर प्रकाश के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि चार अन्य घायल हैं। मामले की जांच की जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.