बृजभूषण यौन उत्पीड़न मामले पर विनेश फोगाट ने किया बड़ा खुलासा कहा - मैं खुद...
ओलंपियन विनेश फोगाट ने खुद को WFI केस की पीड़िता बताते हुए बड़ा खुलासा किया है। गोंडा में ट्रायल कराने के फैसले पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता पर संदेह जताया।
भारतीय कुश्ती जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ओलंपियन विनेश फोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।
यह पहली बार है जब विनेश ने सार्वजनिक रूप से खुद को इस मामले की पीड़िता बताया है। उन्होंने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और अपनी वापसी को लेकर उठ रहे सवालों के कारण उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी।
“मैं उन छह पीड़िताओं में से एक हूं”
विनेश फोगाट ने कहा कि वह अब तक अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती थीं, क्योंकि मामला अदालत में लंबित है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़िता की पहचान सामने लाना उसकी गरिमा से जुड़ा विषय होता है।
लेकिन हालात ऐसे बन गए कि उन्हें सच सामने लाना पड़ा। उन्होंने साफ कहा—
“मैं खुद उन छह पीड़िताओं में से एक हूं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। हमारी गवाही अभी भी जारी है और सच्चाई देश के सामने आएगी।”
खेल और मानसिक संघर्ष
विनेश ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में एक महिला खिलाड़ी के लिए खेलना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि मानसिक दबाव के बीच मुकाबला करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है। करीब 18 महीने तक मैट से दूर रहने के बाद अब वह वापसी की तैयारी कर रही हैं और एक बार फिर देश के लिए मेडल जीतने का लक्ष्य रखती हैं।
गोंडा ट्रायल पर बड़ा सवाल
विनेश फोगाट ने WFI के उस फैसले पर भी सवाल उठाए, जिसमें उत्तर प्रदेश के गोंडा में ‘सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट’ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में खिलाड़ियों को न्याय मिलना मुश्किल है और परिणामों को प्रभावित किए जाने की आशंका बनी रहती है।
कुश्ती संघ पर गंभीर आरोप
विनेश ने यह भी दावा किया कि भले ही बृजभूषण अब आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन महासंघ पर उनका प्रभाव अब भी बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैचों में रेफरी चयन से लेकर अंक देने तक की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। साथ ही उन्होंने सरकार और खेल मंत्रालय पर भी निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।
वापसी से पहले बढ़ा दबाव
पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद से ब्रेक पर रहीं विनेश अब वापसी की तैयारी कर रही हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि इस माहौल में 100% प्रदर्शन दे पाना आसान नहीं होगा। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर प्रतियोगिता के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जंतर-मंतर आंदोलन का अहम चेहरा
साल 2023 में जंतर मंतर पर हुए हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन में भी विनेश फोगाट प्रमुख चेहरों में शामिल थीं। उस दौरान उनके साथ बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक जैसे दिग्गज पहलवान भी खड़े नजर आए थे। इन खिलाड़ियों ने बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
खेल मंत्रालय पर बढ़ा दबाव
विनेश के इस खुलासे के बाद खेल मंत्रालय और कुश्ती प्रशासन पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। खिलाड़ियों की सुरक्षा, निष्पक्ष चयन प्रक्रिया और खेल संघ की विश्वसनीयता को लेकर बहस तेज हो गई है।
एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों के बीच यह विवाद भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।