हनुमान बेनीवाल की चार महीने की मेहनत पर फिरा पानी, SI भर्ती पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने लगाया स्टे
राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने SI भर्ती परीक्षा 2021 रद्द करने के सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी, जिससे 800 थानेदारों को राहत मिली। मामले में अगली सुनवाई बाकी है।
राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने के सिंगल बेंच के फैसले पर बड़ा आदेश जारी किया है। डबल बेंच ने सिंगल बेंच के 28 अगस्त 2025 के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया था। इस फैसले ने उन 800 थानेदारों को राहत दी है, जो परीक्षा रद्द होने के बाद अपनी नौकरी गंवाने की कगार पर थे। हालांकि, यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि डबल बेंच में इस पर आगे सुनवाई होनी बाकी है।
पेपर लीक ने मचाया था सियासी तूफान
सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 का आयोजन साल 2022 में पूरे राजस्थान में किया गया था। लेकिन जयपुर के एक परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होने की घटना ने इस भर्ती को विवादों में ला दिया। शुरुआत में इस लीक का पता नहीं चला, लेकिन अशोक गहलोत सरकार के दौरान रीट सहित कई अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने प्रदेश में हंगामा खड़ा कर दिया था।
पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और वादा किया कि सत्ता में आने पर वह पेपर लीक मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करेगी। दिसंबर 2023 में बीजेपी सरकार बनने के बाद SIT का गठन किया गया। SIT की जांच में यह खुलासा हुआ कि SI भर्ती परीक्षा 2021 का पेपर भी लीक हुआ था।
SIT ने पकड़े 50 से ज्यादा फर्जी थानेदार
SIT की जांच ने पूरे प्रदेश में सनसनी मचा दी। इस जांच में 50 से ज्यादा ऐसे थानेदारों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने नकल के जरिए नौकरी हासिल की थी। इसके अलावा 100 से अधिक पेपर लीक माफिया, दलाल और अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया। इस खुलासे के बाद परीक्षा को रद्द करने की मांग तेज हो गई थी।
मंत्रिमंडलीय समिति ने दी थी यह सलाह
पेपर लीक के बाद भजनलाल सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया था। इस समिति को यह तय करना था कि परीक्षा रद्द की जाए या नहीं। समिति ने ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा को रद्द न करने की सिफारिश की थी। लेकिन, इस सिफारिश के बावजूद कई अभ्यर्थी, जो इस परीक्षा में वंचित रह गए थे, हाईकोर्ट की शरण में चले गए।
हाईकोर्ट का फैसला और डबल बेंच की सुनवाई
हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने 28 अगस्त 2025 को परीक्षा को रद्द करने का आदेश दिया था। इस फैसले से कई अभ्यर्थी प्रभावित हुए, जिन्होंने इसके खिलाफ हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की। डबल बेंच ने पहली सुनवाई में सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी, जिससे उन 800 थानेदारों को फिलहाल राहत मिली है, जो नौकरी खोने के डर में थे।