श्रीगंगानगर : सादुलशहर में गैस सिलेंडर लीकेज से भीषण हादसा, चार लोग गंभीर रूप से झुलसे

श्रीगंगानगर के सादुलशहर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर से घरेलू सिलेंडर में गैस ट्रांसफर करने के दौरान लीकेज से भयंकर आग लग गई। चार लोग झुलस गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर है।

Dec 10, 2025 - 15:01
श्रीगंगानगर : सादुलशहर में गैस सिलेंडर लीकेज से भीषण हादसा, चार लोग गंभीर रूप से झुलसे

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर कस्बे में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। घर में रखे कॉमर्शियल गैस सिलेंडर से बची हुई गैस को घरेलू सिलेंडर में ट्रांसफर करने के दौरान अचानक गैस लीक हो गई और पास में जल रहा चूल्हा होने से भयंकर आग भभक उठी। देखते-ही-देखते आग ने अन्य सिलेंडरों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

हादसा कैसे हुआ? सादुलशहर के वार्ड नंबर-19 में स्थित मुखराम नायक के घर पर कुछ दिन पहले शादी का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। शादी में हलवाइयों ने मिठाई और खाना बनाने के लिए कई कॉमर्शियल सिलेंडर (19 किलो वाले) इस्तेमाल किए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद इन सिलेंडरों में थोड़ी-बहुत गैस बची हुई थी। पैसे बचाने की नीयत से मुखराम और उनके परिजन इन कॉमर्शियल सिलेंडरों में बची गैस को घरेलू सिलेंडरों (14.2 किलो वाले) में ट्रांसफर कर रहे थे।इस प्रक्रिया में एक सिलेंडर अचानक पलट गया और उसमें से तेजी से गैस लीक होने लगी। लीक हुई गैस पास में जल रहे पारंपरिक चूल्हे तक पहुँची और पल भर में भयानक विस्फोट के साथ आग की लपटें चारों तरफ फैल गईं। आग इतनी तेज थी कि उसने पास रखे अन्य सिलेंडरों को भी चपेट में ले लिया।

कौन-कौन झुलसे?  मुखराम नायक (घर का मालिक) – गंभीर रूप से झुलसे ,इमरती देवी (पड़ोसी महिला) – गंभीर रूप से झुलसी ,संतोष देवी (पड़ोसी महिला) – गंभीर रूप से झुलसी ,रोहित – मामूली झुलसा। आनन-फानन में आस-पास के लोगों ने सभी घायलों को सादुलशहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने इमरती देवी, संतोष देवी और मुखराम नायक की हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें श्रीगंगानगर के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया। वहाँ इन तीनों का विशेष बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। वहीं रोहित को मामूली चोटें आई थीं, इसलिए उनका इलाज करके छुट्टी दे दी गई।

पुलिस ने शुरू की जाँच सूचना मिलते ही सादुलशहर थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि गैस ट्रांसफर करने का तरीका पूरी तरह गैर-कानूनी और खतरनाक था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इस काम में कोई प्रोफेशनल व्यक्ति शामिल था या सिर्फ घर वाले ही ऐसा कर रहे थे। साथ ही कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई करने वाली एजेंसी की भी जाँच हो सकती है।

खतरे की घंटी : गैस ट्रांसफर करना कितना जोखिम भरा? विशेषज्ञों के अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडर से घरेलू सिलेंडर में गैस ट्रांसफर करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। दोनों सिलेंडरों का प्रेशर, वाल्व और सेफ्टी सिस्टम अलग-अलग होता है। इस तरह की लापरवाही से हर साल देश में दर्जनों हादसे हो रहे हैं। लोग अक्सर पैसे बचाने के चक्कर में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल देते हैं।