डोटासरा बोले- अमित शाह ने जयपुर दौरे पर भाजपा नेताओं की क्लास लगाई; धोरीमन्ना में जेसीबी से फूलों की बारिश कर स्वागत, हेमाराम चौधरी के समर्थन में कांग्रेस नेताओं की जन आक्रोश रैली

राजस्थान सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना से बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में अचानक फेरबदल कर धोरीमन्ना व गुड़ामालानी को बालोतरा में शामिल किया गया, जिसके विरोध में कांग्रेस नेता हेमाराम चौधरी 11 दिनों से धोरीमन्ना में धरने पर हैं। बुधवार को जन आक्रोश रैली में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली पहुंचे, जहां जेसीबी से फूलों की बारिश से स्वागत हुआ। डोटासरा ने दावा किया कि अमित शाह ने जयपुर दौरे पर सीएम हाउस में भाजपा नेताओं की क्लास लगाई। यह फैसला जनविरोधी बताकर कांग्रेस आंदोलन तेज कर रही है।

Jan 14, 2026 - 14:16
डोटासरा बोले- अमित शाह ने जयपुर दौरे पर भाजपा नेताओं की क्लास लगाई; धोरीमन्ना में जेसीबी से फूलों की बारिश कर स्वागत, हेमाराम चौधरी के समर्थन में कांग्रेस नेताओं की जन आक्रोश रैली

धोरीमन्ना (बाड़मेर), 14 जनवरी 2026: राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में हालिया फेरबदल के विरोध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे हैं। इसी मुद्दे पर बुधवार को धोरीमन्ना में 'जन आक्रोश रैली' का आयोजन किया गया, जिसमें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए।

कांग्रेस नेता ट्रेन से सुबह 6 बजे बाड़मेर पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से धोरीमन्ना की ओर रवाना हुए। रास्ते में उनके स्वागत के लिए समर्थकों ने अनोखा तरीका अपनाया—जेसीबी मशीन से फूलों की बारिश की गई। यह दृश्य काफी चर्चा में रहा। इससे पहले बाड़मेर सर्किट हाउस में डोटासरा, जूली और बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का जोरदार स्वागत किया गया।

सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, "अमित शाह ने जयपुर दौरे के दौरान सीएम हाउस में चार घंटे तक मीटिंग ली थी। इस मीटिंग में उन्होंने भाजपा नेताओं की खूब क्लास लगाई।" डोटासरा ने यह भी बताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी रैली में शामिल होने के लिए पचपदरा से धोरीमन्ना की ओर निकले हैं।

विरोध का मुख्य कारण: जिलों की सीमाओं में अचानक बदलाव

राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को राजस्व विभाग के माध्यम से बाड़मेर और बालोतरा जिलों के क्षेत्रों का पुनर्गठन किया था। इस अधिसूचना के तहत:बायतू उपखंड को बालोतरा से हटाकर फिर से बाड़मेर जिले में शामिल कर दिया गया।बाड़मेर के गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंडों को बालोतरा जिले में स्थानांतरित कर दिया गया।यह बदलाव रातोंरात किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह फैसला जमीनी हकीकत और जनता की सुविधाओं के खिलाफ है। इससे प्रशासनिक दिक्कतें बढ़ी हैं, जैसे सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अन्य सुविधाओं का स्थानांतरण।

पूर्व मंत्री और गुड़ामालानी से छह बार विधायक रहे हेमाराम चौधरी ने इस बदलाव को "जनविरोधी" बताते हुए 11 दिनों से धोरीमन्ना में धरना शुरू किया। उन्होंने कहा कि धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को बालोतरा में शामिल करना स्थानीय संस्कृति, रीति-रिवाजों और विकास की दृष्टि से ठीक नहीं है। धरने के दौरान वे भावुक भी हुए और आंसू छलक आए।

राजनीतिक संदर्भ और प्रतिक्रियाएं

यह बदलाव 2027 की जनगणना से पहले प्रशासनिक सीमाओं को फाइनल करने के संदर्भ में हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि यह राजनीतिक लाभ के लिए किया गया, जबकि भाजपा समर्थकों ने इसे सही ठहराया और कुछ जगहों पर जश्न मनाया।जन आक्रोश रैली धोरीमन्ना के बिजली घर के सामने आयोजित हुई, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग जुटे। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह फैसला बिना जन परामर्श के लिया गया और इससे क्षेत्र के लोगों को भारी असुविधा हो रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.