दिया कुमारी ने रामनवमी पर दिखाई सादगी और संस्कार की मिसाल, कन्याओं के साथ मनाया आस्था का पर्व
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रामनवमी के पावन पर्व पर जयपुर स्थित अपने आवास पर सादगी और भक्ति के साथ कन्या पूजन किया। उन्होंने छोटी कन्याओं का पारंपरिक विधि से पूजन कर उन्हें भोजन खिलाया, चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रामनवमी हमें भगवान श्रीराम की मर्यादा, कर्तव्य और धर्म की प्रेरणा देती है, जबकि कन्या पूजन नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश देता है।
जयपुर: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रामनवमी के पावन अवसर पर सादगी, भक्ति और भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कन्या पूजन का आयोजन किया, जिसमें छोटी-छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका विधिवत पूजन, भोजन और सम्मान किया गया।
रामनवमी के इस शुभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के आवास पर एक दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण छाया रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के मधुर स्वरों के बीच पूजा-अर्चना संपन्न हुई। कन्या पूजन की परंपरा के अनुसार, छोटी कन्याओं को वस्त्र, फल, मिठाई और अन्य उपहार प्रदान किए गए। पूजन के उपरांत दिया कुमारी ने स्वयं अपने हाथों से इन कन्याओं को भोजन परोसा और खिलाया। उन्होंने हर एक बच्ची से आत्मीयता भरी बातचीत की, उनका हाल-चाल पूछा, उनकी खुशियों और सपनों के बारे में जाना तथा उन्हें प्रोत्साहित किया।
उनका सहज, स्नेहपूर्ण और मातृत्वपूर्ण व्यवहार पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बना। चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने का यह दृश्य भारतीय संस्कृति की उस गहरी परंपरा को दर्शाता है जिसमें नारी को शक्ति का प्रतीक माना जाता है और छोटी कन्याओं में देवी का स्वरूप देखा जाता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा,
“रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों; मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, सत्य और धर्म के पालन—को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है।”उन्होंने आगे कहा कि कन्या पूजन हमारी प्राचीन संस्कृति की वह श्रेष्ठ परंपरा है, जो नारी को शक्ति स्वरूप मानते हुए उसके सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश देती है। उन्होंने जोर दिया कि समाज को नारियों का सम्मान करना चाहिए और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने चाहिए।
यह आयोजन सादगी और संस्कार का बेहतरीन उदाहरण था। भव्यता या दिखावे की जगह पूर्णतः भक्ति, श्रद्धा और पारंपरिक मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम राजस्थान की उपमुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत की गई एक अनुकरणीय मिसाल बन गया।दिया कुमारी का यह व्यवहार न केवल रामनवमी की सच्ची भावना को प्रतिबिंबित करता है, बल्कि आधुनिक नेतृत्व में भी सांस्कृतिक जड़ों और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश भी देता है।