बाड़मेर में अरावली बचाने के लिए कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: पहाड़ियों पर चढ़कर नारेबाजी, सरकार पर खनन माफिया को फायदा पहुंचाने का आरोप
बाड़मेर में कांग्रेस पार्टी ने अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हिली उद्यान की ऊंची पहाड़ियों पर चढ़कर पदयात्रा निकाली और नारेबाजी की। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल व जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने डबल इंजन सरकार पर खनन माफिया को फायदा पहुंचाने व अरावली को खत्म करने की नीयत का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन 'अरावली बचाओ जन जागरण अभियान' का हिस्सा था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का विरोध किया गया जिससे 100 मीटर से कम ऊंची पहाड़ियों में खनन संभव हो सकता है।
राजस्थान के पश्चिमी जिले बाड़मेर में कांग्रेस पार्टी ने अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए एक अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। शहर से कुछ दूरी पर स्थित हिली उद्यान (स्मृति हिल उद्यान) की लगभग 1000 मीटर ऊंची पहाड़ियों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली और ऊपर चढ़कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान 'अरावली बचाओ' के नारे लगाए गए और केंद्र तथा राज्य की डबल इंजन सरकार पर तीखे हमले बोले गए। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने किया, जिसमें कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल, निवर्तमान सभापति दीपक माली सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर चलाए जा रहे 'अरावली बचाओ जन जागरण अभियान' की कड़ी का हिस्सा था। कार्यकर्ताओं ने पहाड़ी पर चढ़कर अरावली के संरक्षण की मांग को प्रतीकात्मक रूप से मजबूत किया, क्योंकि रेगिस्तानी इलाके में ये पहाड़ियां जल संरक्षण, वायु संतुलन और मरुस्थलीकरण को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा कि राजस्थान में अरावली का बहुत बड़ा महत्व है। यह जल, जीवन और वायु के लिए जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार की रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या का विरोध करते हुए कहा कि अवैध खनन और अतिक्रमण को रोकने के लिए हिली उद्यान जैसे क्षेत्र बनाए गए हैं। रेगिस्तानी क्षेत्र में बारिश के पानी को रोकने और पर्यावरण संरक्षण में इनकी बड़ी भूमिका है। गोदारा ने आरोप लगाया कि सरकार कोई स्पष्ट रिपोर्ट पेश नहीं कर रही और सिर्फ बातें कर रही है, जबकि आदेश पारित नहीं किए जा रहे। उन्होंने भ्रम फैलाने का आरोप विपक्ष पर लगाने वाली सरकार को चुनौती दी कि विपक्ष कोई भ्रम नहीं फैला रहा, बल्कि सच्चाई सामने ला रहा है।
कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार की नीयत साफ नहीं है। अरावली को खत्म करने और खनन माफिया को बढ़ावा देने के मकसद से यह आदेश पारित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों में खनन की अनुमति दी जा रही है, जिससे जनता को लूटा जा रहा है। बेनीवाल ने अरावली को राजस्थान की जीवन रेखा बताते हुए कहा कि यह मरुस्थल को आगे बढ़ने से रोकती है, मौसम का संतुलन बनाए रखती है और वातावरण को अनुकूल बनाती है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ठोस पैरवी नहीं की, जिससे अरावली पर्वतमाला को खोखला करने की साजिश रची जा रही है। पर्यावरण प्रेमी और कांग्रेस कार्यकर्ता इसी के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं।
यह प्रदर्शन उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जो कांग्रेस पूरे राजस्थान में चला रही है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अरावली की परिभाषा को ऊंचाई के आधार पर तय किया है, जिसके तहत 100 मीटर से अधिक ऊंची पहाड़ियां ही मुख्य रूप से संरक्षित मानी जा रही हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इससे बड़ी संख्या में निचली पहाड़ियां खनन के लिए खोल दी जाएंगी, जो पर्यावरण के लिए घातक होगा। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई परिभाषा से संरक्षण मजबूत होगा, कोई नई माइनिंग लीज नहीं दी जाएगी और कोर क्षेत्रों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। फिर भी, राजस्थान में कांग्रेस सहित कई पर्यावरण संगठन और नागरिक इस फैसले के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, क्योंकि अरावली न केवल जैव विविधता का खजाना है बल्कि उत्तर भारत में रेगिस्तान के विस्तार को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार भी है।
बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी जिले में यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां अरावली की छोटी-छोटी पहाड़ियां जल संचय और हरियाली बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। कांग्रेस ने इस अभियान को और तेज करने का ऐलान किया है, ताकि जनता को जागरूक किया जा सके और सरकार पर दबाव बनाया जा सके। यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी गर्म हो गया है, जहां एक तरफ संरक्षण की बात हो रही है तो दूसरी तरफ विकास और खनिज संसाधनों का तर्क दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान पूरे प्रदेश में और विस्तार ले सकता है।