चूरू हादसा: 15 साल की गर्भवती छात्रा की हत्या का सनसनीखेज मामला, परिजनों का धरना जारी, आरोपी की गिरफ्तारी तक शव नहीं उठाएंगे

राजस्थान के चूरू जिले के बीदासर में 10वीं की 15 साल की छात्रा की हत्या कर लाश जंगल में फेंकी गई। पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि वह 5 महीने की गर्भवती थी। परिजन व ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी तक शव लेने से इनकार कर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हैं। पुलिस जांच कर रही है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 9, 2025 • 4:15 PM  796
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चूरू हादसा: 15 साल की गर्भवती छात्रा की हत्या का सनसनीखेज मामला, परिजनों का धरना जारी, आरोपी की गिरफ्तारी तक शव नहीं उठाएंगे
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9 Dec 2025
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चूरू हादसा: 15 साल की गर्भवती छात्रा की हत्या का सनसनीखेज मामला, परिजनों का धरना जारी, आरोपी की गिरफ्तारी तक शव नहीं उठाएंगे

चूरू, 9 दिसंबर 2025: राजस्थान के चूरू जिले के बीदासर थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, जो न केवल एक नाबालिग छात्रा की क्रूर हत्या की कहानी बयां करती है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों और न्याय की तलाश की भी दर्दनाक तस्वीर पेश करती है। 10वीं कक्षा की एक 15 वर्षीय मासूम लड़की की लाश मिलने का मामला सामने आया है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वह पांच महीने की गर्भवती थी। घटना के बाद परिजनों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया है। वे आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सरकारी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। सर्द रातों के बावजूद ग्रामीणों का आंदोलन जारी है, और पुलिस के प्रयासों के बावजूद बातचीत विफल साबित हो रही है। यह मामला न केवल हत्या का है, बल्कि नाबालिग के साथ संभावित यौन शोषण और गर्भावस्था का भी दर्शाता है, जो समाज में व्याप्त अंधकार को उजागर करता है।

घटना का क्रम: सुबह की सैर से मौत तक का सफर घटना बीदासर थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में घटी, जहां की शांत सुबह एक परिवार के लिए हमेशा के लिए काली हो गई। मृतका का नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन उसके पिता ने थाने में दर्ज कराई गई FIR में घटना के पूरे ब्योरे दिए हैं। पिता ने बताया, "मैं सुबह करीब 5:30 बजे घर से निकला था। उस वक्त मेरी बेटी घर पर सो रही थी। मात्र 15 मिनट बाद जब मैं लौटा, तो वह घर पर नहीं थी। पत्नी से पूछा तो उसने कहा कि वह जंगल की ओर गई है।"परिजनों का इंतजार लंबा खिंच गया। आधे घंटे बीतने पर भी लड़की के लौटने की कोई खबर नहीं हुई। चिंतित पिता ने इधर-उधर तलाश शुरू की। पहले घर के आसपास देखा, फिर भाई को फोन किया। भाई ने बताया कि वह उसके पास भी नहीं आई। इसके बाद पिता और मां ने मिलकर आसपास के खेतों, जंगलों और बंद पड़ी खदानों में छानबीन की। तभी एक बड़े पत्थर के पास लड़की के पैर दिखाई दिए। दौड़कर पहुंचे तो भयानक मंजर सामने था—लड़की जमीन पर अचेत पड़ी थी। पिता ने उसे हिलाया, लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। गर्दन और जबड़ों पर गहरे निशान थे, जो गला घोंटने या किसी भारी वस्तु से वार करने के संकेत दे रहे थे।परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक हुआ कि यह हत्या का मामला है। शव को बीदासर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार शाम करीब 5 बजे पोस्टमॉर्टम कराया गया। रिपोर्ट ने सबको सन्न कर दिया—लड़की पांच महीने की गर्भवती थी। डॉक्टरों के अनुसार, मौत का कारण गला घोंटना या सिर पर चोट लगना प्रतीत होता है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट अभी बाकी है। पुलिस ने IPC की धारा 302 (हत्या) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, लेकिन आरोपी का सुराग अभी तक नहीं लगा है।

परिजनों का गुस्सा: 'शव तभी उठेगा जब हत्यारा सरेंडर करेगा' पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद परिजनों का धैर्य टूट गया। वे शव को अंतिम संस्कार के लिए लेने से साफ मना कर दिया। पिता ने रोते हुए कहा, "मेरी बेटी ने क्या गुनाह किया था? वह पढ़ाई कर रही थी, भविष्य संवार रही थी। कौन था वह शैतान जिसने उसे न सिर्फ मारा, बल्कि उसके सम्मान को भी तार-तार किया? जब तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, हम शव नहीं छुएंगे।" मां का हाल देखकर कोई भी पिता का दर्द महसूस कर सकता है—वह बेटी के शव के पास बैठी सिसकियां ले रही हैं, लेकिन न्याय की मांग पर अड़ी हुई हैं।ग्रामीणों ने भी परिवार का साथ दिया। सोमवार शाम से ही बीदासर सरकारी अस्पताल के सामने धरना शुरू हो गया। सैकड़ों ग्रामीण सर्द हवाओं में लपेटे हुए कंबलों में बैठे हैं। उनका नारा है—"न्याय दो, हत्यारे को फांसी दो!" ग्रामीणों का कहना है कि यदि हत्या में एक से अधिक लोग शामिल हैं, तो भी मुख्य आरोपी को तुरंत पकड़ा जाए। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया, "यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, पूरे गांव का है। हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी होगी।"

पुलिस की कोशिशें नाकाम: एएसपी की बातचीत बेकार धरने की खबर फैलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। सुजानगढ़ के एएसपी दिनेश कुमार सोमवार रात को ही बीदासर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे ग्रामीणों से घंटों बातचीत की, आश्वासन दिया कि जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। लेकिन ग्रामीण माने नहीं। उनकी एक ही शर्त है—आरोपी की गिरफ्तारी। एएसपी ने कहा, "हम समझ रहे हैं परिवार का दर्द। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है, और सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है। लेकिन धरना समाप्त करने की अपील करते हैं, ताकि शव का अंतिम संस्कार हो सके।"धरना स्थल पर शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन उनकी मांग पूरी किए बिना धरना समाप्त करने की कोशिश न करे। एक युवा ग्रामीण ने कहा, "हम सर्दी-गर्मी सह लेंगे, लेकिन न्याय के बिना चैन नहीं लेंगे। हत्यारा जहां भी छिपा हो, उसे ढूंढ निकालो।"

सामाजिक चेतावनी: नाबालिग गर्भावस्था और हत्या का काला अध्याय यह घटना राजस्थान में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की एक कड़ी जोड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लड़की की गर्भावस्था संभवतः बलात्कार या प्रेम प्रसंग से जुड़ी हो सकती है, जो आरोपी की पहचान का सुराग दे सकती है। महिला आयोग और बाल अधिकार संगठनों ने मामले का संज्ञान लिया है। चूरू जिला कलेक्टर ने कहा, "हम संवेदनशीलता से जांच कर रहे हैं। परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी।"

 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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