CBSE का OSM सिस्टम फेल! हर चौथा छात्र मांग रहा स्कैन कॉपी… क्या 12वीं का री-एग्जाम होगा?
CBSE 10वीं और 12वीं रिजल्ट के बाद OSM (On-Screen Marking) सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं। करीब हर चौथा छात्र स्कैन कॉपी और री-इवैल्युएशन की मांग कर रहा है, जिससे 12वीं की परीक्षा दोबारा होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
नई दिल्ली
CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) की 10वीं और 12वीं परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बार बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली OSM (On-Screen Marking) पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थिति यह है कि देशभर में हर चौथा छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी और री-इवैल्युएशन की मांग कर रहा है।
यह आंकड़ा अब तक के CBSE इतिहास में सबसे बड़ा माना जा रहा है, जिससे मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बहस शुरू हो गई है।
रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े
CBSE के अनुसार इस साल:
- कुल परीक्षार्थी: लगभग 17.68 लाख छात्र
- मूल्यांकन की गई कॉपियां: 98.60 लाख उत्तर पुस्तिकाएं
- स्कैन कॉपी/वेरिफिकेशन आवेदन: 4 लाख से अधिक छात्र
- प्रभावित उत्तर पुस्तिकाएं: 11.31 लाख से ज्यादा
यानि करीब 23% से अधिक छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट हैं।
पिछले साल से बड़ा उछाल
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आपत्तियों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है:
- 2025 में: 1.31 लाख छात्रों ने आवेदन किया था
- 2026 में: यह संख्या बढ़कर 4 लाख से अधिक हो गई
इसका मतलब है कि इस साल लगभग 238% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
OSM सिस्टम पर सवाल
इस साल CBSE ने कॉपियों के मूल्यांकन के लिए On-Screen Marking (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल किया। लेकिन परिणाम आने के बाद:
- कई छात्रों ने कम नंबर मिलने की शिकायत की
- स्कैन कॉपी की मांग अचानक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई
- मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हुआ
इसी वजह से OSM सिस्टम की सटीकता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पोर्टल क्रैश से बढ़ी परेशानी
री-इवैल्युएशन और स्कैन कॉपी के लिए खोला गया CBSE पोर्टल भी लगातार तकनीकी दिक्कतों से जूझ रहा है:
- बार-बार सर्वर डाउन हो रहा है
- “Service Not Available” एरर आ रहा है
- छात्रों को बार-बार पेज रिफ्रेश करना पड़ रहा है
- कई बार सिस्टम रात के समय ही कुछ देर के लिए खुल रहा है
इससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्या 12वीं की परीक्षा दोबारा होगी?
फिलहाल CBSE की ओर से:
- री-एग्जाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है
- बोर्ड सिर्फ स्कैन कॉपी और री-इवैल्युएशन प्रक्रिया पर काम कर रहा है
हालांकि, इतने बड़े स्तर पर आपत्तियों के बाद शिक्षा विशेषज्ञों के बीच चर्चा जरूर शुरू हो गई है कि क्या:
- मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव होगा
- या किसी स्तर पर दोबारा जांच/री-एग्जाम की जरूरत पड़ सकती है
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ अंकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि:
- सिस्टम पर भरोसे की कमी
- डिजिटल मूल्यांकन की पारदर्शिता पर सवाल
- छात्रों पर मानसिक दबाव
इन सभी कारणों से यह विवाद और गहराता जा रहा है।
CBSE के OSM सिस्टम पर उठे सवाल और रिकॉर्ड स्तर पर स्कैन कॉपी की मांग ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ी बहस छेड़ दी है। फिलहाल 12वीं की दोबारा परीक्षा को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन हालात यह संकेत दे रहे हैं कि बोर्ड को अपनी मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीरता से विचार करना पड़ सकता है।