डमी कैंडिडेट बैठाकर बने तीन कॉन्स्टेबल: 10 साल बाद SOG की कार्रवाई, हस्ताक्षर मिसमैच पर FIR दर्ज

बाड़मेर में 2014 की पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी हासिल करने वाले तीन कॉन्स्टेबलों को 10 साल बाद एसओजी ने पकड़ा। सेवा रिकॉर्ड जांच में OMR शीट और एडमिट कार्ड पर हस्ताक्षर मेल न खाने पर तीनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोपी ओमप्रकाश, गंगाराम और सुमेरमल हैं, जो अभी भी विभिन्न थानों में तैनात हैं। यह राजस्थान में चल रही भर्ती घोटालों की जांच की एक और कड़ी है।

Feb 12, 2026 - 12:53
डमी कैंडिडेट बैठाकर बने तीन कॉन्स्टेबल: 10 साल बाद SOG की कार्रवाई, हस्ताक्षर मिसमैच पर FIR दर्ज

राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस भर्ती का एक बड़ा फर्जीवाड़ा 10 साल बाद सामने आया है। वर्ष 2014 की कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट (फर्जी परीक्षार्थी) बैठाकर नौकरी हासिल करने वाले तीन व्यक्तियों को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अब पकड़ लिया है। सेवा रिकॉर्ड की जांच के दौरान दस्तावेजों में हस्ताक्षरों का मिसमैच मिलने पर इन तीनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह मामला राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों से चल रही भर्ती घोटालों की जांच की कड़ी में एक और बड़ा खुलासा है, जहां SI, कॉन्स्टेबल, शिक्षक और अन्य पदों पर फर्जी तरीके से नौकरियां पाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा का खुलासा?

बाड़मेर के एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने 8 अक्टूबर 2025 को SOG को एक पत्र लिखकर 2015 में नियुक्त हुए कुछ कॉन्स्टेबलों के सेवा रिकॉर्ड में संदेह जताया था। सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक आवेदन-पत्र, OMR शीट और अन्य दस्तावेजों में हस्ताक्षर आपस में मेल नहीं खाते पाए गए। इस गंभीर विसंगति को देखते हुए SOG ने विस्तृत जांच शुरू की।

SOG ने संबंधित दस्तावेजों की रंगीन प्रमाणित प्रतियां मंगवाईं, जिसमें आवेदन-पत्र, एडमिट कार्ड, OMR शीट शामिल थीं। साथ ही तकनीकी शाखा से इन अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों के CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) भी जांचे गए। जांच में पाया गया कि एडमिट कार्ड और OMR शीट पर लगी फोटो व हस्ताक्षर मेल नहीं खाते। अन्य कागजातों में भी हस्ताक्षरों की शैली अलग-अलग थी, जिससे साफ हुआ कि तीनों ने खुद परीक्षा नहीं दी बल्कि डमी कैंडिडेट के जरिए चयन हासिल किया।

तीनों आरोपी कौन हैं और कहां से हैं?

ओमप्रकाश पुत्र हरदानाराम, निवासी कालाणसरा पादरू (सिवाना, बाड़मेर), परीक्षा: 6 जून 2014 को एमबीसी गर्ल्स कॉलेज, बाड़मेर केंद्र पर।वर्तमान तैनाती: बाड़मेर कोतवाली थाने में।गंगाराम पुत्र केसरीमल, निवासी ढाकों का गोलिया कबुली (धोरीमन्ना, बाड़मेर)परीक्षा: 1 जून 2014 को एमबीसी गर्ल्स कॉलेज, बाड़मेर केंद्र पर।वर्तमान तैनाती: थाना सेड़वा (बाड़मेर) में।सुमेरमल पुत्र महावीर प्रसाद, निवासी बीकमसरा (सरदारशहर, चूरू),परीक्षा: 1 जून 2014 को वर्धमान आदर्श विद्या मंदिर, बालोतरा केंद्र पर।वर्तमान तैनाती: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), जयपुर में।

SOG की कार्रवाई और आगे की जांच

प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद SOG ने तीनों कॉन्स्टेबलों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच में यह देखा जाएगा कि परीक्षा प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था, डमी कैंडिडेट किसने उपलब्ध कराए और क्या इस गिरोह के अन्य भर्तियों से भी संबंध हैं। राजस्थान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए SOG लगातार सक्रिय है। पिछले दो वर्षों में SI, कॉन्स्टेबल, REET शिक्षक भर्ती और चतुर्थ श्रेणी पदों तक में ऐसे कई मामले पकड़े जा चुके हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.