जयपुर में अचानक बवाल! बीजेपी महिला पदयात्रा रोकी गई, फिर बैरिकेडिंग पर चढ़ीं ये नेता… जानिए आगे क्या हुआ

एक राजनीतिक पदयात्रा रोके जाने के बाद अचानक हंगामा हो गया और पूरे घटनाक्रम ने सियासी हलचल बढ़ा दी।

Apr 20, 2026 - 16:27
जयपुर में अचानक बवाल! बीजेपी महिला पदयात्रा रोकी गई, फिर बैरिकेडिंग पर चढ़ीं ये नेता… जानिए आगे क्या हुआ

जयपुर में बुधवार को महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं की “जन आक्रोश पदयात्रा” पुलिस द्वारा रोक दी गई। इस घटना के बाद राजधानी की सड़कों पर तनाव और नाराजगी का माहौल बन गया।

बीजेपी की पदयात्रा और पुलिस की रोक

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर समर्थन न मिलने के विरोध में बीजेपी महिला मोर्चा ने आज जयपुर में जन आक्रोश पदयात्रा निकाली। यह पदयात्रा बीजेपी कार्यालय से शुरू होकर शहीद स्मारक की ओर जा रही थी, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल थीं।

लेकिन जैसे ही पदयात्रा कमिश्नरेट के पास पहुंची, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्म हो गया।

सुमन शर्मा का विरोध और बैरिकेडिंग पर चढ़ना

इसी दौरान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा गुस्से में आ गईं और उन्होंने बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताया। उनके इस कदम से मौके पर हलचल मच गई और पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने अधिकारों की आवाज उठाने से रोका जा रहा है, जबकि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही थीं।

बीजेपी कार्यालय में हुई बड़ी सभा

इससे पहले बीजेपी कार्यालय में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी मौजूद रहे। सभा में महिला आरक्षण बिल और विपक्ष के रवैये को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी गईं।

सीएम भजनलाल शर्मा का विपक्ष पर हमला

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि 17 अप्रैल का दिन इतिहास में दर्ज होने वाला था, लेकिन विपक्ष ने इसे “काला पन्ना” बनाकर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों तक सत्ता में रहने वाले दलों ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कुछ खास नहीं किया।

सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग परिवारवादी राजनीति करते हैं और उन्हें डर है कि यदि महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे।

दीया कुमारी का विपक्ष पर वार

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इन्होंने महिलाओं का हक छीना है और अब इन्हें वोट मांगने का भी नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि ऐसे लोगों को राजनीतिक रूप से जवाब दिया जाए।

प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल का बयान

प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने भी मंच से तीखा बयान देते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर से महिलाएं एकजुट होकर यह संदेश देने आई हैं कि अब वे अपने अधिकारों के लिए चुप नहीं रहेंगी।

 राजनीतिक माहौल गरमाया

पूरे घटनाक्रम के बाद जयपुर में राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। एक तरफ बीजेपी महिला आरक्षण के समर्थन में आक्रामक रुख अपनाए हुए है, तो दूसरी तरफ विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक रैली नहीं रहा, बल्कि यह महिला अधिकारों और राजनीतिक टकराव का बड़ा प्रतीक बन गया है, जिसने राजस्थान की सियासत को और अधिक गरमा दिया है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground