“भाटी vs रावणा विवाद: सिंगर छोटू सिंह की तारीफ के बाद MLA रविंद्र सिंह भाटी को नसीहत, जानें क्या बोले BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़”
पहले तारीफ, फिर तीखी नसीहत… आखिर ऐसा क्या हुआ कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को खुलकर बोलना पड़ा? बयान के बाद सियासी हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों एक दिलचस्प और चर्चित विवाद ने जोर पकड़ लिया है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और लोक गायक छोटू सिंह रावणा के बीच चल रही खींचतान अब सिर्फ व्यक्तिगत मुद्दा नहीं रह गई, बल्कि यह सियासी रंग भी लेने लगी है।
इसी बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का बयान सामने आया है, जिसने इस पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
पहले तारीफ, फिर सख्त संदेश
मदन राठौड़ ने अपने बयान में रविंद्र सिंह भाटी की तारीफ करते हुए उन्हें एक समझदार और व्यवहार कुशल नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके भाटी के साथ व्यक्तिगत संबंध अच्छे रहे हैं और कई मौकों पर भाटी ने संयमित प्रतिक्रिया दी है।
लेकिन इसके साथ ही राठौड़ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भाटी की “अत्यधिक महत्वाकांक्षा” उन्हें गलत दिशा में ले गई है। उनका कहना था कि जनता के समर्थन से जीतने के बाद भाटी को विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए था।
‘समाज को बांटना ठीक नहीं’
राठौड़ ने सबसे गंभीर टिप्पणी समाज के बिखराव को लेकर की। उन्होंने कहा कि:
सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे बाड़मेर-जैसलमेर में सामाजिक एकता बेहद जरूरी है
जातियों के नाम पर समाज को बांटना राष्ट्रहित के खिलाफ है
उन्होंने यह भी कहा कि राजपूत समाज हमेशा देश की रक्षा में आगे रहा है, ऐसे में उसे आपसी विवादों में उलझाना सही नहीं है।
लोकसभा चुनाव पर भी उठाए सवाल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने भाटी के लोकसभा चुनाव लड़ने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कदम जनसेवा से ज्यादा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
राठौड़ के अनुसार, इस दौरान समाज को जोड़ने के बजाय विभाजन की राजनीति देखने को मिली, जो चिंता का विषय है।
‘साथ होते तो बेहतर होता’
मदन राठौड़ ने यह भी कहा कि अगर भाटी भाजपा के साथ मिलकर काम करते, तो क्षेत्र के विकास को और गति मिल सकती थी।
उन्होंने भाटी को नसीहत दी कि वे समाज को जोड़ने की दिशा में काम करें और अनावश्यक विवादों से दूर रहें।
छोटू सिंह के समर्थन के बाद बढ़ी चर्चा
गौरतलब है कि इससे पहले मदन राठौड़ एक सार्वजनिक मंच पर छोटू सिंह रावणा के साथ नजर आए थे और उनकी तारीफ भी की थी।
अब भाटी को दी गई नसीहत के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि भाजपा इस पूरे विवाद में सामाजिक संतुलन और समरसता बनाए रखने के पक्ष में है।
क्या है पूरा संदेश?
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि:
मामला अब सिर्फ दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहा
इसमें राजनीतिक और सामाजिक दोनों पहलू जुड़ गए हैं
आने वाले समय में यह विवाद और गहरा सकता है