भीषण सड़क हादसा: भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर ब्रेजा कार बेकाबू होकर लोहे की रेलिंग में घुसी, इंजन चीरते हुए ड्राइवर के पेट और पैरों में धंस गई; इलाज के दौरान तोड़ा दम
जालौर के भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर रामदेवरा जा रही ब्रेजा कार बेकाबू होकर लोहे की रेलिंग से टकराई। रेलिंग इंजन चीरकर ड्राइवर जिगर पटेल के पेट व पैर में घुस गई। गंभीर रूप से घायल जिगर की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि कार में सवार अन्य 5 यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए।
जालौर (राजस्थान), 19 नवंबर 2025: राजस्थान के जालौर जिले में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे एक्सप्रेस-वे पर बुधवार अलसुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। गुजरात के जामनगर से रामदेवरा (बाड़मेर) दर्शन के लिए जा रही एक टोयोटा ब्रेजा कार अचानक बेकाबू हो गई और सड़क किनारे लगी लोहे की मजबूत रेलिंग में जा धंसी। हादसे का आलम यह था कि तेज रफ्तार कार के इंजन को चीरते हुए लोहे की रेलिंग सीधे ड्राइवर के पेट और पैरों में घुस गई, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने घायल ड्राइवर को हायर मेडिकल सेंटर ले जाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। कार में सवार उसके पांच अन्य साथी चमत्कारिक रूप से बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई।
हादसे का विवरण: कैसे हुई अनहोनी? यह दर्दनाक घटना जालौर जिले के बागोड़ा थाना क्षेत्र के गांवड़ी गांव के पास भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर करीब सुबह 4:30 बजे घटी। पुलिस के अनुसार, गुजरात के जामनगर जिले के निवासी जिगर पटेल (उम्र करीब 28 वर्ष) अपनी ब्रेजा कार से छह दोस्तों के साथ रामदेवरा के दर्शन के लिए निकले थे। यात्रा के दौरान अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया, संभवतः नींद आने या सड़क पर खराब मौसम के कारण। बेकाबू कार सड़क किनारे बने डिवाइडर की लोहे की रेलिंग से टकराई।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेलिंग का एक लंबा हिस्सा (लगभग 2-3 मीटर का) कार के आगे के हिस्से को चीरते हुए इंजन के अंदर घुस गया। यह लोहा सीधे ड्राइवर सीट तक पहुंच गया, जहां जिगर पटेल के दाहिने पैर को बुरी तरह फाड़ दिया और पेट में गहरा घाव कर दिया। खून से लथपथ जिगर को तुरंत स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने नोटिस किया। पास ही तैनात एक पेट्रोलिंग वाहन की टीम ने फौरन एम्बुलेंस बुलाई। घायल को बागोड़ा के नजदीकी हायर मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने भारी खून बहने के कारण उसे जालौर के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसका निधन हो गया।कार में जिगर के अलावा पांच अन्य यात्री थे—सभी जामनगर के ही परिचित। इनमें दोस्तों के अलावा परिवार के सदस्य भी शामिल थे। आश्चर्यजनक रूप से, बाकी सभी यात्री हादसे में बिल्कुल सुरक्षित बच गए। उन्हें मामूली खरोंचें भी नहीं आईं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन पीछे बैठे लोग जैसे जादू से बच गए। शायद सीट बेल्ट और कार की बॉडी ने उन्हें बचाया।"
पीड़ित परिवार का शोक: रामदेवरा यात्रा अधर में लटकी मृतक जिगर पटेल जामनगर में एक छोटे व्यवसायी थे और भगवान बाबा रामदेव के परम भक्त। उनके परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं। हादसे की खबर मिलते ही जामनगर से परिवार के सदस्य जालौर पहुंचे और शव को अंतिम संस्कार के लिए गुजरात ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। जिगर के एक करीबी दोस्त ने बताया, "हम सब रामदेवरा मंदिर में माथा टेकने जा रहे थे। रास्ते में सब ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक कार फिसल गई। जिगर ने बहुत कोशिश की संभालने की, लेकिन सब व्यर्थ।" बाकी पांच यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। वे अब शोक में डूबे हुए हैं और पुलिस पूछताछ में सहयोग कर रहे हैं।
पुलिस जांच: क्या था हादसे का कारण? बागोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हादसे की जांच शुरू हो गई है। प्रारंभिक जांच में कार का स्पीड ज्यादा होना और ड्राइवर की झपकी आना मुख्य कारण लग रहे हैं। सड़क पर कोहरा या खराब मौसम की भी आशंका जताई जा रही है, क्योंकि नवंबर माह में राजस्थान के इस इलाके में सुबह का समय ठंडा और धुंधला रहता है। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया है, जिसकी रिपोर्ट आने पर और स्पष्टता होगी। एक्सप्रेस-वे पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारी ने कहा, "भारतमाला परियोजना तेजी से बन रही है, लेकिन डिवाइडर की रेलिंग मजबूत होने से कभी-कभी ऐसे हादसों में चोटें ज्यादा गंभीर हो जाती हैं। हम ट्रैफिक जागरूकता अभियान चलाएंगे।"स्थानीय ग्रामीणों ने भी हादसे पर दुख जताया। गांवड़ी गांव के सरपंच ने कहा, "यह एक्सप्रेस-वे हमारी कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है, लेकिन रात-दिन गाड़ियों की संख्या बढ़ने से दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्पीड लिमिट और साइन बोर्ड लगाने की जरूरत है।"
भारतमाला परियोजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क निर्माण योजना है, जो देशभर में 34,800 किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क का निर्माण कर रही है। राजस्थान में यह परियोजना गुजरात से जोधपुर तक फैली हुई है, जिसमें जालौर-बाड़मेर खंड भी शामिल है। हाल के वर्षों में यहां कई हादसे दर्ज हो चुके हैं, जो स्पष्ट करते हैं कि तेज निर्माण के साथ-साथ सुरक्षा मानकों पर भी ध्यान देना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर डिवाइडर की लोहे की रेलिंग वाहनों को रोकने के लिए डिजाइन की जाती है, लेकिन उच्च गति पर टक्कर में ये खुद घातक हथियार बन जाती हैं।